पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया है कि डिप्टी सीएम सुखबीर बादल वैट रिफंड की तेज क्लियरेंस पर झूठे दावे कर रहे हैं। उद्यमी और कारोबारी राज्य सरकार से तंग आ चुके हैं इसीलिए पंजाब में निवेश नहीं आ रहा है। पिछले दिनों हुए प्रोग्रेसिव पंजाब समिट में डिप्टी सीएम ने दावा किाय था कि वैट का ऑनलाइन रिफंड शुरू किया गया है।
बाजवा ने कहा कि जसदीपक सिंह द्वारा आरटीआई के तहत मांगी जानकारी में सुखबीर के झूठ का खुलासा हुआ है। एक्साइज टैक्सेशन विभाग ने जानकारी दी है कि 31 दिसंबर-13 तक 380.78 करोड़ का वैट रिफंड बकाया पड़ा था। 2006-07 में अकाली सरकार बनने पर 45.75 करोड़ वैट रिफंड बकाया था। जो लगातार बढ़ता गया। 2009-10 वित्त वर्ष के अंत तक यह 264.25 करोड़ हो गया। दिसंबर-13 में यह बढ़कर 380.78 करोड़ पहुंच गया।
बाजवा ने कहा कि पिछले तीन सालों के दौरान उद्योग-व्यापार पर थोपे टैक्सों के बावजूद वैट कलेक्शन बढ़ी है। पर वैट रिफंड रोक कर सरकार उन्हें बंदी के लिए मजबूर कर रही है। 2006-07 में वैट कलेक्शन 4778 करोड़ था जो 2010-11 में बढ़ कर 10,403.67 करोड़ पहुंच गया। 2012-13 के अंत में वैट कलेक्शन 14,049.13 करोड़ था। बाजवा ने कहा कि सिर्फ वैट ही एक मुद्दा नहीं है। नई औद्योगिक नीति में वर्तमान यूनिटों को कोई प्रोत्साहन नहीं दिया गया। स्माल स्केल इंडस्ट्री को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है।