हरियाणा और पंजाब में आए दिन होने वाले सड़क हादसों पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों को एक माह में अपनी कार्यप्रणाली सुधारने की समयसीमा दी है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने यह भी साफ कर दिया है कि सड़क पर चलने वाले आम आदमी की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हुई तो जिम्मेदार पुलिस अफसरों के खिलाफ कार्रवाई होगी और ट्रैफिक इंचार्जों पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
हाईकोर्ट के जस्टिस राजीव भल्ला ने वीरवार को इस मामले में कहा कि जिस तरह से चंडीगढ़ में ट्रैफिक के नियमों को सख्ती से लागू किया गया है। इसी तरह दोनों राज्य ट्रैफिक के नियमों को सख्ती से लागू करने में दिलचस्पी क्यों नहीं दिखा रहे। आम आदमी की नजरों में पुलिस केवल ‘चालान काटने वाली पुलिस’ है।
ट्रैफिक पुलिस सिर्फ वाहन रोकने, कागज देखने और वाहनों का चालान करने का काम करती है। पुलिस के पास ट्रैफिक व्यवस्था को दुुरुस्त करने की कोई नीति नहीं है। जस्टिस भल्ला ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा बार-बार दिए गए निर्देशों के बावजूद दोनों राज्यों की ट्रैफिक पुलिस लापरवाह बनी हुई है।
ट्रैफिक की बदहाल व्यवस्था को देखते केवल ट्रैफिक पुलिस की आलोचना करना काफी नहीं है। अब समय आ गया है कि इन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। हाईकोर्ट ने इस मामले में पुलिस अधिकारियों को चार सप्ताह का समय देते हुए इस मामले में ठोस कदम उठाते हुए स्टेटस रिपोर्ट देने के लिए कहा है।