गरीबी ने एक होनहार छात्रा की जान ले ली। दसवीं में अच्छे नंबर आने के बावजूद आगे की पढ़ाई पूरी न होते देख पंजाब के कपूरथला में गांव मंसूरवाल की नाबालिग छात्रा ऐश्वर्या ने पंखे से लटक कर जान दे दी।
छात्रा के पिता संजय ने बताया कि उनके परिवार में सात सदस्य हैं। वे एक दुकान में काम करते हैं। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। मंगलवार रात सारा परिवार खाना खाने के बाद घर की छत पर सो रहा था।
देर रात अचानक चीखने की आवाज सुनी। उठ कर देखा तो उसकी सबसे बड़ी बेटी बिस्तरे से गायब थी। कमरे में जाकर देखा तो उसकी बेटी ने गले में दुपट्टा डाल कर पंखे से फंदा लगाया हुआ था।
उसने पत्नी की सहायता से बेटी को पंखे से नीचे उतारा तथा तुरंत उपचार के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां पर ड्यूटी डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। छात्रा के पिता ने पुलिस को दिए बयानों में बताया कि उसकी बेटी ने हाल ही में 10वीं कक्षा अच्छे नंबरों से पास की थी। पर घर की खराब आर्थिक स्थिति के चलते वह पढ़ाई के अपने सपने को पूरा होते न देख चिंतित थी।
घर की आर्थिक स्थिति से थी परिचित
दो भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ी 16 वर्षीय लड़की के पिता एक दुकान में काम करते हैं। सात सदस्यीय पूरा परिवार दुकान के ऊपर एक ही कमरे में रहता है।
बड़ी बेटी समझदार होने के नाते पिता की आर्थिक स्थिति से पूरी तरह परिचित थी। पिता से यह ही कहती थी कि इतने बड़े परिवार का पालन पोषण करने आज के महंगाई के दौर में अति कठिन है।
वह भी घर की आर्थिक को सुधारने के लिए कार्य करने के प्रयास में थी, लेकिन पिता भी चाहता था कि उसकी बेटी पढ़ लिख कर अच्छी नौकरी पर लगे।