नैरोबी में आतंकी घटना के बाद सुरक्षा में जुटी जालंधर की कमिश्नरेट पुलिस के बड़े-बड़े अधिकारी सिर्फ बड़ी कंपनियों के मॉल्स की सुरक्षा का घेरा मजबूत करने में व्यस्त दिखे, जबकि अन्य मॉल्स की सुध लेने वाला एक कांस्टेबल तक दिखाई नहीं दिया।
जालंधर में एमबीडी मॉल में पीवीआर भी है, जिसकी सुरक्षा के लिए एसीपी सेंट्रल दलबीर सिंह बुट्टर, एडीसीपी बलजीत सिंह ढिल्लों खुद सिक्योरिटी को टिप्स देते दिखाई दिए। इस मॉल में कई नामी कंपनियों के शोरूम हैं। इससे चंद कदम दूर सटे ग्रैंड मॉल की सुरक्षा का जायजा लेना दोनोें बड़े अधिकारियों ने जायज नहीं समझा। ग्रैंड मॉल छह फ्लोर तक है, जिसमें 100 से अधिक कार्यालय हैं।
इनमें ट्रेवल कंपनियों के अलावा इंश्योरेंस कंपनी ने अपने कार्यालय खोले हैं। दिलचस्प बात है कि इसकी सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को कोई चिंता नहीं है। एक अनुमान के मुताबिक एक हजार से अधिक लोग ग्रैंड मॉल में कार्य करते हैं जबकि रोजाना हजारों लोगों का आना जाना इस मॉल में है। वहीं पुलिस लाइन के पास स्थित अरोड़ा प्राइम टावर में भी करीब 150 कार्यालय हैं, जिसमें विदेशी भाषा के अलावा आईलेट्स के सेंटर हैं। दोपहर को करीब तीन बजे इसके दोनों गेट्स पर एक गार्ड तक नहीं था। न किसी की तलाशी न सिक्योरिटी चेकअप, कोई भी कहीं वाहन खड़ा करे, कोई रोकटोक तक नहीं है।
इस मॉल की सुरक्षा को लेकर भी अधिकारियों की कोई योजना नहीं थी। अधिकारियों को चिंता थी तो बस एमबीडी मॉल की। वहीं दोपहर को अन्य स्थानों पर बने उन मॉल्स में कोई सुरक्षा का इंतजाम नहीं दिखाई दिया, जिनमें कार्यालय बने हुए हैं। नरिंदर सिनेमा के सामने प्रेसटीज चैंबर में भी सुरक्षा के लिए कोई बंदोबस्त नहीं हैं।
सारे शहर की सिक्योरिटी को लेकर चौकस
एसीपी दलबीर सिंह बुट्टर ने बताया कि कमिश्नरेट पुलिस सारे शहर की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से चौकस है। पूरे शहर में सिक्योरिटी रिव्यू अभियान चलाया जा रहा है।