पंजाब में पटियाला जिले की मंडियों में मंगलवार से धान की खरीद शुरू हो गई। पहले ही दिन किसानों को तब निराशा हुई जब सरकारी एजेंसियों ने नाममात्र खरीद की। नमी का बहाना करके एजेंसियों ने खरीद से हाथ खींच लिया
जिससे काफी धान बिना बिके रह गई। साथ ही जिले के 90 से अधिक खरीद केंद्र सूने ही रहे। इन केंद्रों में धान की आवक ही नहीं हुई। पंजाब सरकार की ओर से लगातार दावे किए जा रहे थे कि मंडियों में आने वाली धान की फसलों का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। इसके विपरीत मंगलवार को धान खरीद के पहले ही दिन मंडियों में किसानों को निराशा का सामना करना पड़ा। आंकड़ों के मुताबिक जिले की 13 मंडियों राजपुरा, पटियाला, नाभा, समाना, घन्नौर, पातड़ां, भादसों, सन्नौर, भूनरहेड़ी, दूधनसाधां, लौट, सन्नौर रोड, देवीगढ़ में आज धान की आवक हुई।
इन मंडियों में 5388 टन धान आया, लेकिन इसमें से केवल 1057 टन माल बिका। खास बात यह रही कि इसमें से केवल 268 टन धान की सरकारी खरीद हुई, बाकी सारी खरीद प्राइवेट रही। माना जा रहा है कि अगर यही हाल रहा, तो आने वाले दिनों में जब मंडियों में धान की आवक में तेजी आएगी, तो फिर माल न बिकने से मंडियों में किसानों को काफी दिक्कतें हो सकती हैं। उधर, जिले की केवल 13 मंडियों में ही धान की आवक होने से बाकी सारे खरीद केंद्र सूने रहे। जिले में धान खरीद के लिए इस बार 105 खरीद केंद्र बने हैं।
धान सुखाकर मंडियों में लाएं : औलख
जिला मंडी अफसर गुरभजन सिंह औलख के मुताबिक पहला दिन होने के चलते आज ज्यादातर मंडियों में धान बिकने के लिए नहीं लाई गई। कुछ दिनों में धान की खरीद व आवक दोनों तेजी पकड़ेंगे। सरकारी खरीद कम होने का कारण धान में नमी है इसलिए किसान फसलें सुखाकर मंडियों में लाएं।