इसमें सभी को जमानत मिल गई थी। बाद में इस केस की जांच को लेकर सीबीआई व एसआईटी के बीच कानूनी विवाद खड़ा हो गया, जिसमें पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए जांच एसआईटी को सौंप दी थी और एसआईटी प्रमुख डीआईजी रणबीर सिंह को बदलने की हिदायत दी थी। इसके बाद पंजाब सरकार ने आईजी सुरिंदरपाल सिंह परमार की अगुवाई में एसआईटी गठित की थी, जिसने रविवार को कार्रवाई करते हुए ये गिरफ्तारियां कीं।
पंजाब पुलिस की नई एसआईटी ने 2015 के बरगाड़ी बेअदबी मामले की इसी साल मार्च माह में फिर से जांच शुरू की थी। इससे पहले पिछले साल एसआईटी ने कार्रवाई शुरू करते हुए गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब से पावन ग्रंथ चोरी करने के मामले में डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रेमियों को गिरफ्तार किया था और डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम समेत कुल 11 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा और इस केस में आरोपी बनाए गए एक डेरा अनुयायी की याचिका का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने इसी साल 4 जनवरी को मामले की जांच एसआईटी को सौंपने के आदेश जारी किए और सीबीआई से केस डायरी पुलिस को सौंपने की हिदायत दी। साथ ही एसआईटी प्रमुख को भी बदलने के आदेश दिए थे। सीबीआई से दस्तावेज मिलने पर एसआईटी ने नवनियुक्त प्रमुख की निगरानी में जांच शुरू की थी, जिसके बाद रविवार को फिर से डेरा प्रेमियों को गिरफ्तार कर लिया गया।