प्रसाद लेकर जा रहे सरपंच के पोते के हत्याकांड ने रिश्तों को तार-तार कर दिया। अमेरिका जाने की ललक ने पहले भाई की एनआरआई पत्नी को प्रेम में फंसाया और फिर उसके साथ मिल कर भाई का कत्ल कर दिया।
पुलिस ने इस मामले में आरोपी चचेरे भाई और तीन कांट्रैक्ट किलरों को काबू कर लिया। चचेरे भाई ने कत्ल की योजना अमेरिका में रहती उसकी पत्नी के साथ फोन पर ही बना ली थी।
शुक्रवार को जगरांव के डीएसपी सुरिंदर कुमार और थाना सिटी के एसएचओ इंस्पेक्टर मोहम्मद जमील ने कहा कि कातिलों ने बड़ी चालाकी से इस तरह वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने जैसे ही मामले में जांच शुरू की तो काफी सबूत ऐसे मिले, जिससे साफ था कि हत्या के पीछे किसी अपने का हाथ है। इस पर पुलिस ने परिवार के अलावा अन्य संदिग्ध सदस्यों से पूछताछ की।
मोबाइल की काल डिटेल चैक करने के बाद मिले पुख्ता सबूतों के आधार पर मृतक गुरसेवक सिंह के सगे चाचा जसविंदर सिंह के पुत्र रशपाल सिंह उर्फ पाली, मनप्रीत सिंह उर्फ माणा निवासी गांव फिड्डे थाना घल्ला कलां (फिरोजपुर) हाल निवासी नहरी कलां अखाड़ा (जगरांव) और गौरव सचदेवा उर्फ गोरा निवासी अगवाड गुजरां को गिरफ्तार कर लिया।
डीएसपी सुरिंदर कुमार ने कहा कि पूछताछ में आरोपी पाली ने माना कि उसका उसके मृतक भाई गुरसेवक सिंह की अमेरिका में रहती पत्नी के साथ प्रेम संबंध थे और गुरसेवक उन दोनों के रास्ते में रोड़ा था।
उसे उसने तीन लोगों के साथ हत्या का सौदा कर 26 अगस्त की रात को गुरसेवक का परने से गला घोट कर कत्ल कर दिया था।
डीएसपी ने बताया कि इस हत्या कांड में मृतक की पत्नी का भी हाथ है। दोषी पाली और मृतक की पत्नी सुमनप्रीत कौर की अमेरिका से लंबी बातें होती थी।