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शानन हाइड्रो प्रोजेक्ट: पंजाब व हिमाचल सीएम की हुई बैठक,सारे मामले नाश्ते के टेबल पर हुए हल

Wed, 29 Mar 2023 11:06 AM IST
नवीन दलाल प्रवीण पाण्डेय, चंडीगढ़

सार

अब शानन जल विद्युत परियोजना पर हिमाचल प्रदेश पंजाब से अपना कब्जा मांगेगा क्योंकि 1936 में कमीशन, भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान शानन हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर हाउस का निर्माण 99 साल के लीज डीड के तहत किया गया था। जो अब खत्म हो रही है।
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पंजाब और हिमाचल के सीएम की बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अंग्रेजों के समय की 100 मेगावाट की शानन जल विद्युत परियोजना पर हिमाचल प्रदेश पंजाब से अपना कब्जा मांगने की मामले में दोनों सीएम की बैठक हुई। परियोजना की 99 साल की लीज 2024 में समाप्त हो रही है। इस मुद्दे को लेकर आज सुबह नौ बजे हिमालच के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ बैठक हुई। वहीं  इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बैठक के बाद पंजाब और हिमाचल के सीएम साथी प्रेसवार्ता में बताया कि सारे मामले नाश्ते के टेबल पर हल हो गए हैं।

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वाटर सेस को लेकर पहले ही विरोध कर रहा पंजाब हरियाणा
इसके अलावा भी पंजाब से जुड़े हुए कई मुद्दे हैं जिनको लेकर दोनों मुख्यमंत्रियों की आपस में बात हुई। बीबीएमबी में हिमाचल सरकार की ओर से अभी कोई स्थाई सदस्य नियुक्त नहीं होता है। हिमाचल की ओर से सदस्य के तौर पर बीबीएमबी में आमंत्रित सदस्य बनाया जाता है। जबकि चेयरमैन की नियुक्ति में केंद्र सरकार की चलती है।

हिमाचल सीएम सुक्खू और पंजाब सीएम से बातचीत करेंगे
जल विद्युत परियोजनाओं को लेकर हिमाचल सरकार का रायल्टी का मसला भी काफी समय से लंबित है। सर्वोच्च न्यायालय इस विषय में तीन हजार करोड़ की रायल्टी देने के संदर्भ में पंजाब सरकार को कह चुका है। न्यायालय में इस विषय के एग्जीक्यूशन (कार्यान्वयन) को लेकर को लेकर हिमाचल की ओर से केस भी डाला गया है। जिसकी सुनवाई आगामी 11 अप्रैल को होगी। इन सभी मुद्दों पर सुक्खू ने आज पंजाब सीएम से बातचीत की।

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यहां-यहां होती है पानी की आपूर्ति

शानन बिजलीघर सबसे पुराने में से एक है, जो आजादी से पहले पूरे अविभाजित पंजाब, लाहौर और दिल्ली को आपूर्ति करता था। यह बिजलीघर से ज्यादा एक पर्यटक स्थल है। दुनिया भर से हजारों पर्यटक बड़ौत घाटी तक हॉलेज वे ट्रकों और ट्रॉलियों की सवारी का आनंद लेने के लिए बरोट घाटी आते हैं।

यह है मामला
परियोजना वर्तमान में पीएसपीसीएल के नियंत्रण में है और परियोजना से पूरा राजस्व पंजाब सरकार को जाता है। 1936 में कमीशन, भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान, शानन हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर हाउस का निर्माण 1925 में मंडी राज्य के शासक जोगिंदर सेन और एक प्रतिनिधि, कर्नल बीसी बट्टे के बीच निष्पादित 99 साल के लीज डीड के तहत किया गया था। 99 की समाप्ति- साल पुरानी लीज अब से नौ साल बाद 2024 में है।

दोनों सीएम से हो चुकी है बात
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की वाटर सेस को लेकर पंजाब हरियाणा के सीएम से बात हो चुकी है। सूत्र बताते हैं कि उन्होंने दोनों राज्यों से कहा है कि यह सेस पानी पर नहीं है बल्कि जल विद्युत परियोजनाओं पर है। इसको लेकर दोनों राज्यों पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
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