प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी और दिग्गजों के अहं की लड़ाई ने राष्ट्रीय महासचिव एवं पंजाब प्रभारी शकील अहमद के लिए चिंता पैदा कर दिया है। राहुल गांधी की जनसभा की सफलता और हालात को देखते हुए शकील अहमद बुधवार रात ही सह प्रभारी हरीश चौधरी के साथ संगरूर पहुंच गए थे।
यहां पहुंचकर उन्होंने समूचे कार्यक्रम की कमान खुद संभाली और ऐसा पहली बार हुआ कि राष्ट्रीय महासचिव स्तर के नेता को मंच संचालक की भूमिका निभानी पड़ी।
संगरूर में वीरवार को हुई जनसभा में मंच पर बैठने वाले नेताओं को लेकर काफी विवाद था।
कैप्टन अमरिंदर, विधायक दल के नेता सुनील जाखड़ और बीबी राजिंदर कौर भट्ठल के लिए मंच पर जगह नहीं रखी गई थी।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक दलील दी गई कि एसपीजी ने सिर्फ नौ कुर्सियों की व्यवस्था की है। इसकेबाद प्रभारी शकील अहमद का मोबाइल फोन बजना शुरू हो गया। हालात को देखते हुए शकील अहमद सह प्रभारी हरीश चौधरी के साथ बुधवार की रात ही संगरूर पहुंच गए।
प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा के साथ दोनों नेताओं ने एक स्थानीय नेता के घर बैठक की। इसके बाद शकील अहमद ने उपरोक्त तीनों नेताओं के बैठने की व्यवस्था कर देर रात एसपीजी से इसकी अप्रूवल भी ली।
इस कवायद में शकील अहमद को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मंच पर राहुल के सामने कि सी भी प्रकार की गड़बड़ी से निपटने के लिए शकील अहमद ने मंच संचालन की कमान भी खुद ही संभाली और वरिष्ठता का ध्यान रखते हुए संबोधन के लिए नेताओं को बुलाया।