भगत सिंह चौक (न्यू रेलवे रोड) में 14 साल पहले डाली गई सीवरेज लाइन को वीरवार को चंद घंटों में ही कनेक्ट कर दिया गया।
इस लाइन के बारे में दुकानदारों और कांग्रेस के आरटीआई सेल के अनिल वशिष्ठ ने नगर निगम से जवाब मांगा था। जिसमें पता चला कि 14 साल पहले डाले गए सीवरेज को कनेक्ट ही नहीं किया गया था, लेकिन उसके तमाम बिल पास कर दिए गए थे।
इस पर जिला योजना बोर्ड के चेयरमैन और पूर्व जिला प्रधान गुरचरण सिंह चन्नी ने नगर निगम कमिश्नर से वीरवार सुबह 11 बजे मौका देखने की बात कही। नगर निगम ने अधिकारी चमन लाल की ड्यूटी लगाई थी।
वीरवार सुबह जब योजना बोर्ड के चेयरमैन गुरचरण सिंह चन्नी मौका देखने पहुंचे। निगम ने चेयरमैन के पहुंचने से पहले ही 14 साल से बंद सीवरेज लाइन को चला दिया। यह लाइन पुराने समय से चलती दिखाने के लिए सीवरेज की सफाई करके उसकी मिट्टी निकाल वहां पानी भी गिरा दिया गया।
यह देख चेयरमैन चन्नी नाराज हो गए। उन्होंने निगम के अधिकारियों को फटकार लगाई। इसके बाद वहां से गुजर रहे मेयर सुनील ज्योति की गाड़ी को भी चन्नी ने रुकवा लिया।
जब चन्नी ने मेयर को मौका दिखाया तो पहले तो उन्होंने अपने विभाग की साइड ली तो इसके बाद चन्नी ने मेयर को भी खरी-खरी सुनाई। चन्नी ने कहा कि सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत सिंह भाटिया जो नगर निगम अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं, वह सही हैं।
उन्होंने कहा कि सीवरेज लाइन स्कैंडल में भी भ्रष्टाचार की बू आ रही है। आज जो हुआ है वह सारा खेल एक्सईएन लखविंदर सिंह ने खेला है। इस पूरे प्रकरण में मेयर सुनील ज्योति और कमिश्नर एमएस छत्तवाल ने उनकी सहायता की है। चन्नी ने कहा कि वह शुक्रवार को निगम कमिश्नर को पत्र लिख जवाब मांगेंगे। इस दौरान नगर निगम के अधिकारी चमन लाल, अनिल वशिष्ठ मौजूद थे।
कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ
मेयर सुनील ज्योति ने बताया कि अकाली दल की तरफ से इस प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार की बात कही जा रही है वह गलत है। जिस लाइन का मुद्दा उठाया जा रहा है, वह मुख्य सीवरेज नहीं है, वह बरसाती पानी के लिए है। हालांकि मेयर इस बात को मान गए कि इस प्रोजेक्ट में रोड गलियां नहीं बनाई गई हैं।
जब उनसे पूछा गया कि अगर प्रोजेक्ट अधूरा था तो निगम ने इस प्रोजेक्ट के लिए ठेकेदार को कैसे अदायगी कर दी। इस पर मेयर ने कहा कि ठेकेदार की अदायगी कैसे हुई है इसकी जांच होगी। हालांकि उन्होंने बिना जांच किए ठेकेदार की अदायगी के लिए एनओसी देने वाले अधिकारी को भ्रष्टाचार में संलिप्त होने से इंकार किया। इसके बाद उन्होंने मामले की जांच जरूर करवाने की बात कही।
प्रशासन की नालायकी है सीवरेज लाइन को लिंक न करना : ओबराय
डिप्टी मेयर अरविंदर कौर ओबराय का कहना है कि भगत सिंह चौक में जो 14 साल से लाइन बिछाई गई थी, उसे लिंक न किए जाना नगर निगम के अधिकारियों व स्टाफ की नालायकी है। इसके लिए उन्हें सजा मिलनी चाहिए।