कहीं आपका किरायेदार आपके मीटर से बिजली चोरी तो नहीं कर रहा। अगर ऐसा है तो अब कुंडी कनेक्शन लगाने वालों की तुरंत पोल खुल जाएगी।
बिजली चोरी पर शिकंजा कसने के लिए केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन (सीएसआईओ) और यूआईईटी (पीयू) के वैज्ञानिकों ने नया उपकरण ईजाद किया है। पावर सेंसर रिंग की मदद से बिजली चोरी पर शिकंजा कसा जा सकेगा।
खास बात यह है कि मकान मालिक भी इसकी मदद से अपने किरायेदारों पर आसानी से नजर रख सकेंगे। इसे तैयार करने में करीब 100 रुपये का खर्च आता है।
सीएसआईओ के वैज्ञानिक डॉ. नवनीत सिंह औलख ने बताया कि यह रिंग किसी भी पावर सप्लाई केबल में लगाई जा सकती है।
यह केबल के साथ संपर्क में नहीं आएगी। जैसे ही निर्धारित मात्रा से अधिक बिजली की खपत होगी तो अलर्ट कर देगी।
घरेलू मीटर से अलग-अलग फ्लोर पर बिजली आपूर्ति नियत करने के लिए स्केल लगाया जा सकता है। इसे जरूरत के मुताबिक बढ़ाया भी जा सकता है। अगर बिजली की चोरी की जाती है या अधिक खपत होती है तो नियत सीमा पार करते ही आपूर्ति बंद हो जाएगी।
यूआईईटी की असिस्टेंट प्रोफेसर इंदरदीप कौर औलख ने इसे उपकरण के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अगले कुछ महीनों में यह उपकरण बाजार में भी उपलब्ध हो जाएगा। औलख ने बताया कि इसकी कीमत 100 रुपये है।
घरेलू या औद्योगिक इकाइयों में कहीं भी बिजली चोरी रोकने के लिए प्रयोग किया जा सकता है।
अगर, इसे मोबाइल या किसी वायरलेस उपकरण से जोड़ा जाता है तो उस पर भी अलर्ट संदेश पहुंचेगा। इंडस्ट्रियल यूनिटों में बिजली की चोरी पर शिकं जा कसने के लिए इसका प्रयोग किया जा सकता है।
रिंग की खास बातें
-पावर लाइन पर लगाने के बाद यह रिंग विद्युत क्षेत्र के आधार पर बिजली आपूर्ति का पता करेगा
-अगर निर्धारित या आकलन से अधिक आपूर्ति हो रही है तो ट्रिप हो जाएगा
-ट्रिप होने की सूचना मोबाइल या अन्य वायरलेस उपकरणों पर चली जाएगी