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'गुजरात दंगों पर मोदी को माफी मांगने की जरूरत नहीं'

Mon, 23 Sep 2013 09:26 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
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गुजरात दंगों को लेकर विपक्ष के निशाने पर रहे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने बचाव किया है।
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राजनाथ्ा ने कहा, ‘गुजरात का गोधरा कांड दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं इसकी निंदा करता हूं और नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं। मगर उन्हें इस पर माफी मांगने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस घटना में किसी व्यक्ति ने किसी को उकसाया नहीं था। इसके उलट 1984 के दंगों में यह कहकर उकसाया गया था कि जब बड़ा वृक्ष गिरता है तो धरती हिलती है।’

चंडीगढ़ के प्रेस क्लब में 'मीट द प्रेस' कार्यक्रम के दौरान राजनाथ ने कहा, 'कांग्रेस सबसे ज्यादा सांप्रदायिक पार्टी है। जो दल सपा, बसपा या कांग्रेस स्वयं को सेकुलर पार्टियां कहती हैं उनके राज में सबसे ज्यादा सांप्रदायिक दंगे होते हैं। मुजफ्फरनगर के दंगे भी सपा सरकार की नाकामी से हुए हैं।'
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राजनाथ सिंह ने कहा कि इस समय केंद्र सरकार की आर्थिक, आंतरिक सुरक्षा और कूटनीति संकट के दौर में है।

कारगिल विजय के बाद पाकिस्तान ने अब कुछ दिनों में 100 से ज्यादा बार सीजफायर का उल्लंघन किया। सीमा में अंदर घुसकर हमारे सैनिकों की हत्या की। चीन ने भी उल्लंघन किया मगर केंद्र सरकार का जवाब वैसा नहीं था।

इस महीने के अंत में न्यूयॉर्क दौरे के दौरान प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की पाकिस्तान प्रधानमंत्री के साथ बातचीत होने की संभावनाओं की चर्चा है। इस पर प्रधानमंत्री को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

जब मुंबई में हमला हुआ था तब प्रधानमंत्री ने कहा था कि जब तक पाकिस्तान अपनी धरती से आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों पर कार्रवाई नहीं करेगा तब तक बातचीत नहीं होगी तो अब क्या स्थिति पैदा हो गई है। पाकिस्तान और चीन से निपटने को केंद्र की नीति स्पष्ट नहीं है।
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उन्होंने कहा कि एनडीए की सरकार बनेगी तो कूटनीति से काम लेंगे। वे यह नहीं कहते है कि अंतिम समाधान युद्ध ही है।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इस समय केंद्र ने आर्थिक स्थित को आईसीयू में पहुंचा दिया है। करेंसी वेंटीलेटर पर है. डॉलर ऊंचाई पर है, निवेश रनवे है और युवा हाईवे पर है। बेरोजगारी युवाओं की समस्या है। नौकरियां पैदा नहीं हो रही हैं। केंद्र की गलत नीति के कारण ऐसा हो रहा है।
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