सिख नरसंहार पर कमलनाथ को क्लीन चिट देकर पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग चौतरफा आलोचनाओं के घिर गए हैं। मंगलवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी), शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और अकाली दल (संयुक्त) ने राजा वड़िंग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
शिअद के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने ट्वीट किया- पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग के बयान से किसी को हैरानी नहीं हुई है। जो व्यक्ति इंदिरा गांधी को अपनी माता कहता है, वह 1984 के सिख नरसंहार में कमल नाथ को आसानी से क्लीन चिट दे सकता है। उन्होंने कहा कि हम 1984 के सिख नरसंहार के पीड़ितों के घावों पर बार-बार नमक छिड़कना बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि राजा वड़िंग रिंग को अपने बयान के लिए तुरंत सिख समुदाय से माफी मांगनी चाहिए।
शिरोमणि अकाली दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष सुखदेव सिंह ढींडसा ने कहा है कि कांग्रेस नेता राजा वड़िंग की अंतरात्मा पूरी तरह से मर चुकी है जो अपने राजनीतिक हितों के लिए सिखों के हत्यारों को क्लीन चिट दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि 1984 में सिखों पर हमला करने वाली हत्यारों की भीड़ का नेतृत्व खुद कमलनाथ ने किया था, जिसके कई प्रत्यक्षदर्शी भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि राजा वड़िंग ने कमलनाथ को क्लीन चिट देकर गंभीर अपराध किया है, जिसके लिए उन्हें सिख समुदाय से माफी मांगनी चाहिए। ढींडसा ने कहा कि कमल नाथ का बचाव करके राजा वड़िंग ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कांग्रेस पार्टी कभी अपने पसंदीदा कमल नाथ और अन्य को सिख नरसंहार के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराएगी।
गौरतलब है कि हाल ही में मध्य प्रदेश में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए राजा वड़िंग ने कमलनाथ का बचाव करते हुए कहा था कि उन्होंने अपने जीवन में कभी कमल नाथ द्वारा सिखों पर अत्याचार के बारे में नहीं सुना है। उन्होंने कहा - यह गलत प्रचार किया जा रहा है कि कमल नाथ ने सिखों पर अत्याचार किया है। मेरी उम्र 44 साल है, मैं कैबिनेट मंत्री भी रह चुका हूं, लेकिन मैंने आज तक न तो सुना और न ही देखा कि कमल नाथ ने सिखों पर कोई अत्याचार किया हो।