पंजाब और हरियाणा प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पर खोले गए 459 शराब के ठेके हटाने का निर्देश शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने दोनों राज्य सरकारों को जारी किया।
मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एजी मसीह की खंडपीठ ने दोनों राज्य सरकारों से इस संबंध में एनएचएआई द्वारा जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन को भी कहा।
एनएचएआई ने हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर हाईवे किनारे खुले शराब ठेकों की कुल संख्या की जानकारी देते हुए आग्रह किया था कि हाईवे किनारे से इन ठेकों को हटाया जाना जरूरी है।
इतने ठेके हैं हाईवे के किनारे
हरियाणा सरकार के आबकारी व कराधान विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी और पंजाब सरकार के फाइनेंस सेक्रेटरी ने हाईकोर्ट जवाब दायर कर बताया था कि उनकी कमेटियों ने एनएचएआई के साथ मिलकर सर्वे पूरा कर लिया है।
सर्वे के मुताबिक,
215 ठेके : अंबाला से जीरकपुर, जीरकपुर से परवाणू, कुराली से कीरतपुर और दिल्ली से जालंधर तक हाईवे पर
46 अमृतसर से पठानकोट के बीच
73 जालंधर से पठानकोट और माधोपुर तक
57 बिदीपुर से वाघा बार्डर तक
31 लुधियाना से तलवंडी तक
18 हरियाणा में रोहतक से बावल के बीच
7 दिल्ली से रोहतक के बीच
12 रोहतक से पानीपत के बीच
यह है मामला
हाईवे से सटे सभी शराब के ठेके हटाए जाने को लेकर चंडीगढ़ की एक स्वयंसेवी संस्था अराइव सेफ सोसायटी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है।
याचिका में कहा गया कि शराब के ठेकों के बाहर आकर्षित करने वाली डेकोरेटिव लाइट हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों का ध्यान बांटती हैं। ऐसे में यह सड़क दुर्घटना का एक बड़ा कारण बनती हैं।