पंजाब के पूर्व मंत्री गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने खुद को आतंकी खतरा बताते हुए सुरक्षा मांगी थी। उनकी इस मांग पर केंद्र सरकार ने सवालिया निशान लगा दिया है। लौंगोवाल शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट को आधार बनाते हुए गृह मंत्रालय ने कहा है कि लौंगोवाल को किसी तरह का खतरा नहीं है। फिर भी पंजाब सरकार स्थानीय स्तर पर उनकी सुरक्षा कवर देने पर विचार कर सकती है। इस तरह, केंद्र सरकार ने लौंगोवाल को सुरक्षा कवर प्रदान करने से इनकार कर दिया है।
लौंगोवाल ने एक दिसंबर को केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कहा था कि उन्हें आतंकवादियों से जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, जिसे देखते हुए उन्हें सुरक्षा कवर की जरूरत है ताकि वे सार्वजनिक स्थानों पर निश्चिंत होकर आ-जा सकें। उन्होंने पत्र में अपने पिता दिवंगत हरचंद सिंह लौंगोवाल की 20 अगस्त, 1985 को आतंकवादियों द्वारा हत्या किए जाने की घटना का भी उल्लेख किया था।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब की मुख्य सचिव को पत्र भेजकर कहा है कि लौंगोवाल द्वारा सुरक्षा कवर की मांग के साथ भेजे गए ई-मेल पर मंत्रालय ने केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों से उन पर आतंकी खतरे के बारे में स्टेटस रिपोर्ट हासिल की है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि वर्तमान में लौंगोवाल को किसी तरह के आतंकवादी हमले का खतरा नहीं है। ऐसे में पंजाब सरकार स्थानीय आधार पर लौंगोवाल की सुरक्षा संबंधी चिंताओं का समाधान कर सकती है।