राहुल गांधी और कांग्रेस के सभी प्रत्याशी।
- फोटो : अमर उजाला
1. श्री हरमिंदर साहिब : ये सिखों का सबसे पावन धार्मिक स्थल और गुरुद्वारा माना जाता है। इसे दरबार साहिब और स्वर्ण मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। अमृतसर शहर के बीचो-बीच स्थित हरमिंदर साहिब में हर रोज हजारों श्रद्धालु आते हैं। सिखों के अलावा बड़ी संख्या में हिंदू भी यहां माथा टेकते हैं। अमृतसर का नाम उस सरोवर के नाम पर रखा गया है जिसका निर्माण गुरु राम दास ने स्वयं अपने हाथों से किया था। यह गुरुद्वारा इसी सरोवर के बीचोबीच स्थित है। इस गुरुद्वारे का बाहरी हिस्सा सोने का बना हुआ है, इसलिए इसे 'स्वर्ण मंदिर' के नाम से भी जाना जाता है।
2. श्री दुर्ग्याणा मंदिर : अमृतसर का जिक्र आते ही लोगों के जेहन में स्वर्ण मंदिर और जलियांवाला बाग का ख्याल आता है, लेकिन यहां आस्था का एक और बड़ा केंद्र है। यह श्री दुर्ग्याणा मंदिर है। कहा जाता है कि इसका निमार्ण 16वीं सदी में कराया गया था, लेकिन मंदिर के अभी का स्वरूप 1921 के आसपास बना है। 1921 में जब इसे नया स्वरूप दिया गया तब इसका उद्घाटन पं. मदन मोहन मालवीय ने किया था। मंदिर में लक्ष्मी जी, हनुमान जी और विष्णु जी की प्रतिमाएं हैं। मान्यता है कि मंदिर में आने वालों की मनोकामना पूरी होती है।
3. भगवान वाल्मीकि तीर्थ : अमृतसर शहर में स्थित भगवान वाल्मीकि तीर्थ का अपना अलग ही महत्व है। यह हिंदुओं के चुनिंदा और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है। 2016 में यहां भगवान वाल्मीकि की आठ फुट ऊंची 800 किलोग्राम सोने की प्रतिमा लगायी गई है।
पंजाब में धर्म के आधार पर आबादी
| धर्म |
आबादी |
| सिख |
57.69% |
| हिंदू |
38.49% |
| मुस्लिम |
1.93% |
| ईसाई |
1.26% |
| जैन |
0.16% |
| बौद्ध |
0.12% |
कांग्रेस नेता राहुल गांधी
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