पंजाब प्रदेश कांग्रेस की नवगठित कार्यकारिणी की सोमवार को होने वाली पहली बैठक से पहले रविवार को भी कार्यकारिणी से नेताओं व पदाधिकारियों के इस्तीफों का सिलसिला जारी रहा।
रविवार को दोआबा से तीन पूर्व मंत्री चौधरी जगजीत सिंह, चौधरी संतोख सिंह और अमरजीत सिंह समरा ने कार्यकारिणी में अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।
इनके साथ ही अमृतसर के पूर्व जिला प्रधान जुगल किशोर शर्मा ने भी पद छोड़ दिया।
चारों को कार्यकारिणी में सदस्य बनाया गया था। चारों ने अपने इस्तीफे प्रदेश प्रधान प्रताप सिंह बाजवा को भेज दिए हैं।
चौधरी जगजीत सिंह ने कहा कि उन्होंने कोई पद नहीं मांगा था। नई कमेटी में दलितों को पूरी तरह नजरंदाज किया गया है।
उन्होंने कहा कि हर वर्ग इस लिस्ट से नाराज है। इसमें हिंदू, महिलाओं, ओबीसी, ईसाई समेत तमाम वर्गों को नजरंदाज किया गया है।
पदाधिकारियों के चयन से पहले किसी भी सीनियर नेता से सलाह नहीं ली गई।
अमरजीत सिंह समरा ने कहा कि वह चार बार विधायक रह चुके हैं।
एक-दो बार विधायक बने लोगों को महासचिव व उपप्रधान बना दिया गया जबकि उन्हें कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया।
यह सीनियारिटी को देखते हुए गलत है, इसलिए वह पद छोड़ रहे हैं।
शकील की चेतावनी बेअसर
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब में पार्टी प्रभारी शकील अहमद की चेतावनी का कांग्रेसियों पर कोई असर नहीं हुआ है।
शनिवार को ही शकील ने कहा था कि अगर किसी को नाराजगी है तो अपनी बात पार्टी प्लेटफार्म पर ही रखे। पर अगले ही दिन चार सीनियर कांग्रेसियों ने इस्तीफा दे दिया।