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चेतन सिंह जौड़ामाजरा: मंत्री बनने से पहले दक्षिण कोरिया में की मजदूरी, लड़की को बचाने में खाई गोली...रोचक है इनकी कहानी

Mon, 04 Jul 2022 05:47 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)

सार

चेतन सिंह जौड़ामाजरा राजनीति में आने से पहले खेतीबाड़ी करते रहे हैं। हालांकि उनका गांव जौड़ामाजरा शुतराणा हलके में पड़ता है लेकिन वह काफी वर्षों से समाना में ही रह रहे हैं। 
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चेतन सिंह जौड़ामाजरा - फोटो : फाइल
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विस्तार
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पंजाब सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार में पटियाला जिले को भी जगह दी गई है। समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने सोमवार को मंत्री पद की शपथ ली। 54 साल के चेतन सिंह जौड़ामाजरा एक गैर-राजनीतिक परिवार से हैं। 10 दिसंबर 2021 को उन्हें आम आदमी पार्टी की जिला पटियाला की ग्रामीण इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में जौड़ामाजरा ने 39713 वोटों के बड़े अंतर से पूर्व अकाली मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा को पटखनी दी थी।

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दक्षिण कोरिया में की मजदूरी
खेतीबाड़ी के काम में अच्छी आमदनी न होने और पत्नी की अचानक मौत के बाद जौड़ामाजरा साल 1999 में विदेश जाना चाहते थे। उनकी इच्छा ऑस्ट्रेलिया जाने की थी लेकिन ऐसा न हो सका। इसके बाद उनका दक्षिण कोरिया का वीजा लगा और वहां रहकर उन्होंने छह साल तक एक फैक्टरी में दिहाड़ी पर काम किया। साल 2005 में वह वापस भारत लौटे। 54 साल के जौड़ामाजरा बताते हैं कि वह सात भाई-बहन हैं। जिनमें तीन भाई व चार बहनें हैं। 

जौड़ामाजरा जब तीन-चार साल के थे, तभी उनके पिता की मौत हो गई थी। इसके बाद मां व बड़े भाई ने बहुत संघर्ष कर सभी का पालन-पोषण किया। जौड़ामाजरा बताते हैं कि राजनीति में उनके रोल मॉडल आप संयोजक अरविंद केजरीवाल हैं। उनका कहना है कि कैबिनेट मंत्री बनने के बाद अपने हलके का विकास कराना प्राथमिकता है। साथ ही जो भी विभाग उन्हें मिलेगा, उसका काम वह पूरी ईमानदारी से करेंगे।
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बदमाशों की गोली का भी हो चुके शिकार
मार्च 2019 में चेतन सिंह को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी, जब उन्होंने तरनतारन में एक लड़की को अपहर्ताओं से छुड़ाने की कोशिश की थी। उनकी गर्दन के पास गोली लगी थी। वारदात के बाद उन्हें तुरंत अमृतसर के एक अस्पताल में दाखिल कराया गया था। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस घटना के बाद पंजाब की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया था। जौड़ामाजरा राजनीति में आने से पहले खेतीबाड़ी करते रहे हैं। हालांकि उनका गांव जौड़ामाजरा शुतराणा हलके में पड़ता है लेकिन वह काफी वर्षों से समाना में ही रह रहे हैं। 

माना जा रहा है कि जौड़ामाजरा को उनकी साफ छवि के चलते पंजाब मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। हालांकि कैबिनेट मंत्री की दौड़ में पटियाला शहर हलके से अजीतपाल सिंह कोहली, राजपुरा से नीना मित्तल और शुतराणा हलके से कुलवंत सिंह बाजीगर का नाम चल रहा था। मगर बाजी समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने मारी है।

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