पुलिस ने नशीली दवाओं के सौदागरों के गिरोह का परदाफाश किया है। पुलिस ने विभिन्न गोदामों में छिपा कर रखी करीब सात करोड़ रुपये की दवाइयां बरामद की हैं। इनमें 1.43 करोड़ नशीली गोलियां एवं कैप्सूल, 11,500 इंजेक्शन एवं 1680 दवाइयां शामिल हैं।
इस संबंध में पुलिस ने पिता पुत्र समेत तीन लोगाें को नामजद किया है। करीब आधा दर्जन लोगों को पूछताछ के पकड़ा है। पुलिस कमिश्नर परमजीत सिंह गिल ने इसकी पुष्टि की है। गिल ने कहा कि नशे के इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए कार्रवाई की जा रही है। अभी इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया है।
इस दबिश में पुलिस ने सेहत विभाग के माहिरों का भी सहयोग लिया। पुलिस यह जांच रही है कि इनके पास दवाओं की खरीद बिक्री के लाइसेंस हैं या नहीं। जांच के बाद और कई खुलासे हो सकते हैं। जानकारी के अनुसार बुधवार की शाम पुलिस को सूचना मिली कि सरदार नगर मोगा निवासी पिता पुत्र नितिन गोयल एवं पवन गोयल नशीली दवाआें का धंधा करते हैं।
दोनों ने पिंडी गली में अपने एवं अपने साथियों के नाम पर गोयल सेल्स कारपोरेशन, श्री कृष्णा एजेंसी एवं एटलस फार्मास्यूटिकल के नाम पर विभिन्न फर्में बना रखी हैं। इसी तरह हैबोवाल निवासी दीपक सोनी ने पिंडी गली में एचएल फार्मा एवं बीजी फार्मा कंपनी बना रखी है। इनके मालिक के नाम का पता नहीं है।
उक्त सभी इकाइयां कमल गुड्स कैरियर, नार्दर्न इंडिया गुड्स कैरियर एवं अमृतसर ट्रांसपोर्ट एवं अन्य ट्रांसपोर्ट कंपनियों से मिल कर उनके जरिए दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश इत्यादि जगहों से नशीली दवाएं बिना दस्तावेजों के मंगवाती हैं। इनके फर्जी बिल तैयार किए जाते हैं।
ट्रांसपोर्टरों के साथ मि कर इन दवाओं को वहीं गोदामाें में छिपाया जा रहा था। इन दवाओं को पंजाब के अलग अलग हिस्सों में सप्लाई किया जा रहा है। इससे यहां के युवा नशे का शिकार हो रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापामारी करके बड़ी संख्या में दवाओं की खेप को अपने कब्जे में लिया है। अब पुलिस की टीम हर बिंदू पर जांच को आगे बढ़ा रही है।