चंडीगढ़ के बुडैल जेल में कॉन्स्टेबल के हत्यारे सरिता और बसंत से मिलने अब तक उनके घरवाले नहीं आए हैं, लेकिन बसंत सरिता को जेल में भी लव लेटर भेजता है।
ऐसा नहीं है कि इन प्यार के परिंदों पर जेल प्रशासन कोई खास मेहरबान है। असलियत में बुड़ैल जेल के मैनुअल के अनुसार हफ्ते में कैदी अपनी साथी महिला कैदी से मिल सकता है। एक-दूसरे को खत लिखने का अधिकार भी उनके पास है।
पहले दो हफ्ते तक तो जेल में दोनों की मुलाकात नहीं होने दी गई। इसके बाद बसंत ने जेल प्रशासन को लिखित अपील की, जिसमें उसने जेल मैनुअल का हवाला देते हुए मुलाकात करवाने को कहा। इसके बाद उनकी मुलाकात करवाई जाने दी गई।
बसंत और सरिता पर अदालत ने आपराधिक धाराओं में आरोप तय कर दिए। हत्या, हत्या की कोशिश, सरकारी कर्मी की ड्यूटी में बाधा डालने, घायल करने, लूट और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं। अब इनके खिलाफ आपराधिक मामला शुरू हो गया है। गली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।
ऐसे कांस्टेबल से हत्यारा बना बसंत चंडीगढ़ पुलिस में भर्ती हुआ कांस्टेबल बसंत का सरिता से लव अफेयर था। सरिता की मर्जी के बगैर सोनीपत के रहने वाले संदीप से उसके परिवार ने 16 अप्रैल को उसकी शादी करवा दी थी, जो बसंत को गवारा नहीं हुआ।
18 अप्रैल की सुबह बसंत ने सरिता के साथ मिलकर उसके पति संदीप और सास प्रकाशी देवी की एसएलआर से गोलियों की बौछार कर हत्या कर दी।
इसके बाद बसंत सरिता को लेकर वहां से फरार हो गया। 7 जून की रात को चंडीगढ़ में नाइट चेकिंग पर तैनात इंस्पेक्टर सुच्चा सिंह पर बसंत ने चाकू से वार कर हत्या कर दी, जबकि उनके ड्राइवर को घायल कर दिया। अगले दिन दिल्ली के होटल से दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था।