केमिस्ट एसोसिएशन के वार्षिक समागम का आयोजन अध्यक्ष नरेश जिंदल के नेतृत्व में हुआ। इसमें वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा मुख्य मेहमान के रूप में शामिल हुए। केमिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुरजीत मेहता तथा महासचिव सुरिंदर दुग्गल विशेष मेहमान थे। समागम में बाहरी जिलों के केमिस्टों ने भाग लिया।
समागम में पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन ने पंजाब सरकार से मांग की कि फूड प्रोडक्ट के दायरे में आने वाली दवाओं तथा ओटीसी दवाओं पर टैक्स की दर सामान्य दवाओं के बराबर की जाए जबकि वर्तमान में करीब दस फीसदी टैक्स ज्यादा है। ज्यादा टैक्स होने के कारण उक्त दवाओं पर लाभ नहीं के समान है।
इसके अलावा यूनियन ने मांग की कि दवाओं का सैंपल फेल होने की स्थिति में केमिस्ट की जगह दवा निर्माता कंपनी को ही आरोपी बनाया जाए।
वित्त मंत्री ढींढसा ने कहा कि पंजाब सरकार एक समान टैक्स करने के पक्ष में है। इसी के चलते राज्य सरकार ने जीएसटी प्रणाली पर सहमति जताई है।
जीएसटी लागू होने पर उक्त सभी दवाओं पर एक समान टैक्स लगेगा। कमिस्टों की दूसरी मांग भी जायज है, क्योंकि केमिस्ट खुद दवा नहीं बनाते हैं। लिहाजा सैंपल फेल होने की स्थिति में दवा निर्माता कंपनी को जिम्मेदार बनाया जाना चाहिए। इसके लिए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल तथा सेहत मंत्री सुरजीत ज्याणी से बात की जाएगी।