वक्फ बोर्ड की ओर शहर में बोर्ड के किराएदारों को दिए गए नोटिस के बाद बोर्ड के किराएदारों ने वक्फ बोर्ड के ख़िलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता में बोर्ड के ख़िलाफ बनी संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि वक्फ बोर्ड के किराएदारों के साथ हो रहे धक्के को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संघर्ष समिति के प्रधान और भाजपा नेता इंद्रसेन छतवाल ने कहा कि बोर्ड के हक में संसद में पास एक एक्ट का सहारा लेकर बोर्ड वर्ष 1950 से किराएदारों के साथ धक्केशाही की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस जगह का किराया वक्फ बोर्ड वसूल कर रहा है यह जगह वास्तव में कस्टोडियन की प्रॉपर्टी थी। संघर्ष समिति दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। सरकार से भी इसके तथ्य जानने की अपील की गई है।
छतवाल ने बताया कि इस संबंध में किराएदारों का एक वफद शिक्षा मंत्री डा.दलजीत सिंह चीमा और सांसद चंदू माजरा से मिला। दोनों नेताओं ने भरोसा दिलाया कि किराएदारों के साथ धक्का नहीं होने दिया जाएगा। इस संबंध में वह मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से बातचीत करेंगे।
छतवाल ने बताया कि इस संबंध में राज्य सभा सदस्य अविनाश राय खन्ना से भी मुलाकात की गई है। उन्होंने कहा कि इस कानून से रोपड़ में ही हजारों लोग प्रभावित होंगे। किसानों पर भी इसका असर होगा। नोटिस में किराएदारों को लाखों रुपये की अदायगी की बात कही गई है जो सरासर गलत है। वहीं यह भी कहा गया है कि 15 दिन में जवाब ना दिए जाने पर ग़ैर जमानती धाराएं लगाकर मामला दर्ज किया जाएगा।
संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष हरमिंदरपाल सिंह बब्बू आनंद, खजांची सरबजीत सिंह, सेक्रेटरी जतिंदर सिंह सेठी और नरिन्दरपाल ने कहा कि कोई भी किराए अब बोर्ड के पास किराया जमा न करवाए। न ही अधिकारियों के झांसे में आकर किसी कागजात पर दस्तखत करवाएं।