जिले की 100 से अधिक मंडियां व खरीद केंद्र अभी तक गेहूं की आवक के बगैर सूने पड़े हैं। केवल तीन मंडियों में अभी तक गेहूं की आवक हो पाई है।
इन मंडियों में भी जितनी गेहूं आई है, उसमें काफी मात्रा में गेहूं बिक नहीं पाई है। इस गेहूं में नमी की मात्रा अधिक होने का बहाना बनाया जा रहा है। जिले में गेहूं की खरीद के लिए इस बार 108 मंडियां व खरीद केंद्र तैयार किए गए हैं। लेकिन एक अप्रैल से खरीद शुरू होने के बावजूद जिले की 105 मंडियां अभी तक गेहूं की आवक बगैर सूनी पड़ी हैं। केवल तीन मंडियों में अब तक गेहूं की आवक हुई है।
इन तीन मंडियों में अब तक 1279 टन गेहूं की आवक हुई है, जिसमें से 865 टन गेहूं की खरीद हुई है। बाकी गेहूं अभी भी बिकने के इंतजार में पड़ी है। डीसी रामवीर सिंह ने माना कि अभी तक केवल तीन मंडियों में ही गेहूं की आवक शुरू हुई है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कुल 865 टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। अब तक की खरीद में पनग्रेन ने 100 टन, मार्कफेड ने 235 टन, वेयरहाउस ने 410 टन, पंजाब एग्रो ने 78 टन, एफसीआई ने 30 टन और निजी क्षेत्र में व्यापारियों की ओर से मात्र 12 टन गेहूं की खरीद की गई है। उम्मीद है कि जिले में इस साल आठ लाख 12 हजार टन से अधिक गेहूं की आवक होगी।
डीसी ने अपील की कि किसान पूरी तरह से सूखा कर ही गेहूं को मंडियों में लाएं, ताकि उन्हें मंडियों में खरीद होने के लिए इंतजार न करना पड़े।