पटियाला में बैठक कर दिल्ली बार्डर पर बैठे किसानों के समर्थन में जाने का ऐलान करते मुलाजिम संगठन।
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पटियाला। पंजाब में 10 अप्रैल के बाद शुरू होने जा रहे गेहूं की कटाई के सीजन के दौरान काफी संख्या में किसानों के लौटने से दिल्ली मोर्चों में भीड़ न घटे, इसके लिए पंजाब का मुलाजिम वर्ग किसानों के समर्थन में मैदान में उतर आया है। डेमोक्रेटिक मुलाजिम फेडरेशन ने बैठक कर एलान किया है कि प्रदेशभर से मुलाजिम जिला वार फसलों की कटाई के दौरान दिल्ली के बॉर्डरों पर चल रहे धरनों में शामिल होंगे।
फेडरेशन के प्रदेश महासचिव जरमनजीत और डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के प्रदेश प्रधान विक्रमदेव सिंह ने कहा कि गेहूं की कटाई के दौरान दिल्ली बॉर्डर पर धरनों में बैठे काफी संख्या में किसानों को लौटना पड़ेगा। इन किसानों को खेतों में कामकाज देखना है। ऐसे में दिल्ली मोर्चों पर भीड़ कम न हो और केंद्र सरकार भ्रम में न पड़े, इसके लिए मुलाजिम वर्ग ने बड़ा फैसला किया है। इसके तहत प्रदेशभर से जिलावार ड्यूटियां लगाकर मुलाजिम दिल्ली बार्डरों पर चल रहे धरनों में शामिल होंगे। इसके लिए मुलाजिमों को दफ्तरों से छुट्टियां लेनी पड़ेंगी तो वह भी ली जाएंगी। लेकिन किसानों को किसी भी कीमत पर निराश नहीं होने दिया जाएगा।
साथ ही बताया कि यह भी फैसला लिया गया है कि 26 मार्च को भारत बंद के आह्वान को सफल बनाने के लिए जहां भी धरने-प्रदर्शन किए जाएंगे। मुलाजिम वर्ग उसमें शामिल होकर केंद्र सरकार खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेगा। इस मौके पर मुलाजिम नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार जहां विश्व व्यापार संगठन के दबाव में भारत के खेतीबाड़ी सेक्टर को खत्म करने पर तुली है। वहीं निजीकरण की नीतियों के तहत विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्रों का निजीकरण कर लोगों से बुनियादी सुविधाएं भी छीनने में लगी है। ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।