पंजाब के हारवेस्टर कंबाइन निर्माताओं और किसानों को टोल प्लाजों पर लगने वाले टैक्स से राहत मिल गई है। शिरोमणि अकाली दल के महासचिव और सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने यह मसला पिछले लोकसभा सेशन के दौरान उठाया था।
इसमें उन्होंने कहा था कि कंबाइनों को खेतीबाड़ी के लिए इस्तेमाल किया जाता है, न कि इसका कार्मिशयल इस्तेमाल होता है। कंबाइनों को खेतीबाड़ी उपकरण के तौर पर मानते हुए टोल प्लाजों पर इन्हें टैक्स से छूट मिलनी चाहिए।
इस मामले में विचार के लिए केंद्रीय रोड ट्रांसपोर्ट मंत्री नितिन गडकरी ने प्रोफेसर चंदूमाजरा को अपने मंत्रालय में विशेष तौर पर आमंत्रित किया था। मुलाकात के दौरान गडकरी ने विभाग के अधिकारियों को बुलाकर चंदूमाजरा के साथ विचार-विमर्श करने के बाद सभी टोल प्लाजों को इस संबंधी सर्कुलर जारी करने के लिए विभाग के सचिव को कहा कि अब ट्रैक्टर-ट्रालियों की तरह ही कंबाइनों को भी टोल से छूट मिलेगी और इनको भी खेती उपकरण के तौर पर ही माना जाएगा।
चंदूमाजरा ने कहा कि अब हारवेस्टर कंबाइनों और बाहरी राज्यों के अंदर फसलें काटने के लिए कंबाइन लेकर जाते किसानों को टोल पर फीस देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कंबाइनों को भी ट्रैक्टर ट्रालियों की श्रेणी में रखते हुए खेतीबाड़ी उपकरण के तौर पर माना जाएगा।
गौरतलब है कि पंजाब के हारवेस्टर कंबाइन निर्माताओं व किसान जत्थेबंदियों ने चंदूमाजरा को उनकी इस मुश्किल के बारे में अवगत कराया था। पंजाब के अंदर बड़े स्तर पर कंबाइनें बनाकर बाहरी राज्यों में भेजने के काम होने के कारण इनको विभिन्न टोल प्लाजों पर भी फीसें देकर निकलता पड़ता था।