बाघापुराना में पानी की टंकी पर चढ़े ईजीएस, एआईई, एसटीआर अध्यापकों ने मंगलवार की रात टंकी पर काटी। भड़के टीचरों ने बुधवार को एसडीएम बाघापुराना को घेर लिया। पुलिस कर्मियों ने एसडीएम को भीड़ में से निकाल कर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया। देर शाम एक ईजीएस टीचर ने अपने शरीर पर पेट्रोल डालने बाद आग लगा कर आत्मदाह की कोशिश की साथियों ने उसे बचा लिया। कार्यकारी मजिस्ट्रेट गुरमेल सिंह ने बताया कि स्थिति तनावपूर्ण लेकिन कंट्रोल में है।
जत्थेबंदी के प्रदेश कमेटी मेंबर और ईजीएस वालंटियर समरजीत सिंह मानसा ने लिखित तौर पर डिप्टी कमिश्नर मोगा के नाम पर जत्थेबंदियों की मांगें न मानने की सूरत में आत्मदाह की धमकी दी। इस सिविल वर्दी में कुछ पुलिस कर्मियों ने टंकी पर चढ़ने की कोशिश की।
अध्यापकों के विरोध पर पुलिस नीचे उतरना पड़ा। इस के बाद देर शाम को ईजीएस वालंटियर समरजीत सिंह मानसा ने अपने शरीर पर पेट्रोल डालने बाद आग लगाकर आत्मदाह की कोशिश की तो साथियों ने उसे बचा लिया। वहीं टंकी पर चढ़ी एक ओर महिला वालंटीयर सुखविंदर कौर की हालत भी बिगड़ गई।
वालंटियरों ने प्रशासन की दवा आदि देने की पेशकश भी ठुकरा दी। बुधवार को पूरा दिन प्रशासन की वालंटियरों को मनाने की कोशिशें नाकाम रही।
इस से पहले शहीद किरनजीत कौर एक्शन कमेटी और ईजीएस, एआईई, एसटीआर अध्यापकों ने बाघापुराना के मुख्य चौक में तकरीबन दो घंटे जाम लगाकर प्रदेश सरकार खिलाफ नारेबाजी करते हुए अर्थी फूंकी। इस मौके वक्ताओं ने बठिंडा में लाठीचार्ज करने बाद गिरफ्तार किए गए 11 अध्यापक के खिलाफ दर्ज किया झूठा केस रद्द करने, उनकी बिना शर्त रिहाई और मांगें मानने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया।
जत्थेबंदी नेता स्वर्ण कौर बठिंडा और कुलवंत कुमारी फरीदकोट और जिला प्रधान जसप्रीत कौर ने कहा कि बठिंडा में गिरफ्तार अध्यापकों की बिना शर्त रिहाई, झूठा केस वापस लेने और उनकी मांगें मानने तक बाघापुराना से डेरा नहीं उठाएंगी और आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
उन्होंने कहा प्रदेश सरकार बेरोजगारी खत्म करने की जगह रोजगार छीन रही है। वह तकरीबन 12 वर्षों से स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगों की तरफ ध्यान नहीं दे रही।