भवानीगढ़ के सरकारी अस्पताल में एक गरीब परिवार की बच्ची जन्म लेने से पहले ही मौत के मुंह में चली गई। इसके बाद भड़के परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
गांव नरैणगढ़ निवासी हाकम सिंह ने आरोप लगाया कि वह अपनी गर्भवती पत्नी को 25 मई को सरकारी अस्पताल लेकर आया था, लेकिन अस्पताल में मौजूद डाक्टरों तथा नर्सों ने उसकी देखभाल नहीं की।
अगली सुबह केस बिगड़ता देख डाक्टरों ने गर्भवती को राजिंदरा अस्पताल पटियाला रेफर कर दिया। वहां के 26 मई को डाक्टरों ने चेकअप करने के बाद परिवार को बताया कि बच्चे की मौत बीती रात हो चुकी थी।
शनिवार को परिवार और गांववासियों ने भवानीगढ़ के सरकारी अस्पताल में प्रदेश सरकार और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले डाक्टरों और स्टाफ नर्स के खिलाफ बनती कार्रवाई की जाए ताकि गरीब परिवार को इंसाफ मिल सके।
अस्पताल के एसएमओ डा. कुलदीप सिंह ने कहा कि वह मामले की जांच करके इसकी रिपोर्ट सीनियर अधिकारियों को भेजेंगे। इस संबंधी ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स हरप्रीत कौर ने कहा कि उनकी तरफ से मरीज की देखभाल में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी गई।
स्वास्थ्य मंत्री सुरजीत सिंह ज्याणी ने कहा कि वे इस मामले का पता लगाकर जांच शुरू करवाएंगे। जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ बनती सख्त कार्रवाई की जाएगी।