-अदालत को लेक्चरर इंद्रजीत कौर पेंशन केस की जटिलताओं से अवगत कराया गया: अधिकारी
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाबी यूनिवर्सिटी के वीसी की गाड़ी समेत छह गाड़ियों और बैंक खाते के इस्तेमाल पर लगी रोक को अदालत ने हटा दिया है। यूनिवर्सिटी अधिकारियों ने बताया कि छह गाड़ियों और बैंक खाते को अटैच करने के इस फैसले के बाद यूनिवर्सिटी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट की ओर से यूनिवर्सिटी का पक्ष सुनने के बाद यह रोक हटा ली गई है।
यूनिवर्सिटी की ओर से पूर्व लेक्चरर इंद्रजीत कौर को पेंशन देने का आदेश लागू न करने पर अदालत ने यह रोक लगाई थी। अधिकारियों ने बताया कि इंद्रजीत कौर वर्ष 2015 में यूनिवर्सिटी से रिटायर हुई थीं। नियमों के अनुसार, चूंकि उन्होंने सीपीएफ से पुरानी पेंशन स्कीम में स्विच किया था, इसलिए उन्हें यूनिवर्सिटी के खाते में एक निश्चित राशि जमा करानी थी, जो उन्होंने नहीं की थी। कुछ कानूनी और तकनीकी कारणों से उनकी पेंशन शुरू नहीं हो पाई थी।
पेंशन न लगने पर इंद्रजीत कौर ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। मामले की सुनवाई करते हुए 19 जनवरी 2024 को अदालत ने पंजाबी यूनिवर्सिटी को आदेश दिए थे कि इंद्रजीत कौर को पेंशन दी जाए। बाद में इसके खिलाफ यूनिवर्सिटी ने एडीशनल सेशन जज अतुल कंबोज की अदालत में अपील दायर की थी, लेकिन एडीशनल सेशन जज की अदालत ने यूनिवर्सिटी की अपील को खारिज करके तुरंत पेंशन देने के आदेश जारी किए थे। अदालत ने इंद्रजीत कौर को एक मई 2015 से पेंशन देने के आदेश दिए और इसके साथ ही 18 प्रतिशत ब्याज सहित प्रति वर्ष पेंशन का एरियर देने का भी फैसला सुनाया था, लेकिन जब यूनिवर्सिटी ने इस आदेश को लागू नहीं किया, तो इंद्रजीत कौर ने दोबारा से अदालत का दरवाजा खटखटाया। इसकी सुनवाई करते हुए अदालत ने वीसी की गाड़ी समेत यूनिवर्सिटी की छह गाड़ियों व बैंक खाते को अटैच कर दिया।
अधिकारियों के मुताबिक यूनिवर्सिटी ने इस मामले की सभी जटिलताओं से अदालत को अवगत कराया, जिसके बाद अदालत ने रोक हटाने का यह फैसला सुनाया। इस मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को होनी है।