पटियाला। रोजगार की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे बेरोजगार ईटीटी टेट पास अध्यापकों ने मंगलवार को अपनी मांगों संबंधी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपने खून के साथ पत्र लिखा। पत्र के जरिये सरकार से बेरोजगार ईटीटी अध्यापकों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की।
उधर, बेरोजगार अध्यापकों का आरोप है कि मंगलवार दोपहर को पुलिस प्रशासन द्वारा उन्हें मांगों को लेकर वाईपीएस चौक में बुलाया गया, लेकिन वहां मीटिंग करने गए साथियों पर लाठियां भांजी गईं। इसकी यूनियन कड़ी निंदा करता है। वहीं उधर बेरोजगार ईटीटी अध्यापकों का एक साथी सुरिंदर पाल गुरदासपुर लगातार 80 दिनों से भीषण गर्मी के इस मौसम में भी मोबाइल टावर पर चढ़ा है।
साथ ही एलान किया कि अगर जल्द सरकार ने मांगों को लेकर मीटिंग का समय न दिया, तो 11 जून को मोती महल का घेराव किया जाएगा। इस दौरान होने वाले जान माल के नुकसान की जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी। बेरोजगार ईटीटी टेट पास अध्यापक यूनियन के वरिष्ठ उपप्रधान संदीप सामा, जरनैल नागरा ने कहा कि घर-घर नौकरी देने का दावा करके सत्ता में आई कांग्रेस सरकार के राज में आज पढ़े-लिखे युवक रोजगार के लिए सड़कों पर भटक रहे हैं। जबकि दूसरी तरफ कैप्टन की तरफ से अपने विधायकों के लड़के-लड़कियों को बड़े-बड़े पदों पर नौकरियां दी जा रही हैं। यह पंजाब के युवाओं के साथ धोखा है, जिसे किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।