रेगुलर करने की मांग को लेकर 5178 अध्यापकों ने अग्रसेन चौक में प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इससे पहले अध्यापक बनासर बाग में इकट्ठा हुए और इसके बाद रोष मार्च निकाला।
जत्थेबंदी के सदस्य गुरजंट सिंह, इंदरजीत मालेरकोटला और जिलाध्यक्ष कुलवंत कुठाला ने कहा कि एमए, बीएड, एमफिल, पीएचडी और टीईटी परीक्षा पास अध्यापकों की सरकार की गलत नीतियों के कारण हालत बहुत खराब है। इन अध्यापकों को मजदूरों से भी कम साढे़ छह हजार रुपये प्रति महीना वेतन दिया जा रहा है। इस महंगाई के दौर में इतने कम पैसे से घर चलाना असंभव है।
जत्थेबंदी के जिला महासचिव कर्मजीत नदामपुर ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा पंजाब के सरकारी स्कूलों में नई 6050 मास्टर काडर अध्यापकों की भर्ती रेगुलर तौर पर करने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन पिछले लंबे समय से सेवाएं निभा रहे विभागीय 5178 अध्यापकों को रेगुलर नहीं किया जा रहा जिससे उनमें रोष है।
उन्होंने मांग की कि इन अध्यापकों को रेगुलर करके उनका बनता हक दिया जाए। यदि सरकार ने ऐसा न किया तो उनकी जत्थेबंदी प्रदेश सरकार के खिलाफ मोरचा खोलेगी। इस मौके पर निर्भय सिंह, परमवीर सिंह, अमृत सिंह, कमलवीर सिंह, मनदीप सिंह, कंवरजीत सिंह मौजूद थे।