पटियाला। पंजाब में रविवार को बिजली संकट और गहरा गया। जब शनिवार देर रात तलवंडी साबो थर्मल प्लांट का 660 मेगावाट का एक यूनिट बॉयलर ट्यूब में लीकेज के चलते बंद पड़ गया। बड़ी बात यह है कि इस थर्मल का एक अन्य 660 मेगावाट का यूनिट पहले ही तकनीकी खराबी के चलते इस साल मार्च महीने से बंद पड़ा है। ऐसे में एक साथ 1320 मेगावाट की बिजली आपूर्ति में कमी से प्रदेश में आने वाले दिनों में बिजली को लेकर एक बार फिर से हाहाकार मच सकती है।
शनिवार देर रात करीब एक बजे तलवंडी साबो के यूनिट में खराबी आई। जैसे ही इस संबंधी इंजीनियरिंग स्टाफ को सूचना मिली, तुरंत सुधार काम शुरू कर दिया गया। लेकिन समस्या ज्यादा होने के कारण यह यूनिट अगले दो से तीन दिनों में ही चालू हो सकेगा। तब तक पंजाब को बिजली सप्लाई में कमी की समस्या से ही जूझना पड़ेगा।
वहीं पंजाब में रविवार को सारी इंडस्ट्री, दुकानें व अन्य व्यापारिक संस्थानों के साथ-साथ सरकारी विभागों के दफ्तर बगैरा बंद रहने से बिजली की मांग में कमी रही। बिजली की मांग 12280 मेगावाट दर्ज की गई। जिस कारण पावरकॉम इस मांग को तलवंडी साबो थर्मल प्लांट के एक और यूनिट के बंद पड़ जाने के बावजूद पूरी कर सका। लेकिन सोमवार से बिजली संकट गहराने की आशंका है, क्योंकि मानसून में भी देरी की बात सामने आ रही है। ऐसे में भीषण गरमी और पैडी सीजन कारण बढ़ी डिमांड को पूरा करना पावरकॉम के लिए सोमवार से मुश्किल साबित होगा।
पुराना डिफाल्टर है तलवंडी साबो प्लांट, लगा था करोड़ों का जुर्माना
वेदांता कंपनी की ओर से मानसा के नजदीक गांव बानावाला में स्थापित तलवंडी साबो थर्मल प्लांट उत्तरी भारत का सबसे बड़ा थर्मल प्लांट है। लेकिन प्लांट पुराना डिफॉल्टर है। जानकारी के मुताबिक साल 2018 में पंजाब स्टेट पावर रेगुलेटरी कमीशन की ओर से पावरकॉम की ओर से डाली याचिका पर सुनवाई के बाद प्लांट को करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाया गया था। दरअसल प्लांट मैनेजमेंट की ओर से गलत घोषणा की गई थी कि उनके प्लांट के सभी यूनिट बिजली सप्लाई करने को उपलब्ध हैं, जबकि बाद में इनमें दिक्कत आ गई थी।