रोपड़ में नहर की जमीन समतल करने में लगी जेसीबी मशीन और मौजूद किसान।
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विधानसभा में एसवाईएल बिल पास होने के बाद इसकी जमीन पर कब्जे करने का दौर शुरू गया है। जिले के कई गांवों में जेसीबी मशीनों से मिट्टी डाल जमीन समतल की जा रही है। डीसी करनेश शर्मा ने मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि एसवाईएल को लेकर सरकार से उन्हें किसी भी तरह के कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
जिला के ब्लाक आनंदपुर साहिब, रोपड़ व मोरिंडा में एसवाईएल नहर को भरने के लिए कई गांवों के लोग काम कर रहे है। गांव पत्थरेड़ी जट्टां, सालापुर, सरसा नंगल ,माजरी ठेकेदारा व माजरी जट्टां के अलावा अन्य दर्जनों गांव में एसवाईएल पर कब्जा करने और नहर को भरने का काम किया जा रहा है। एक दम से इतनी बड़ा संख्या में पहुंची जेसीबी मशीनें भी शक के घेरे में है।
एसवाईएल नहर की जमीन पर कब्जा करने वाले किसान रजिंदर सिंह मंड ने सरकार का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें यह जमीन वापस मिलने की कोई उमीद नहीं थी। सरकार के कारण यह जमीन उन्हें वापस मिल रही है। किसानों का कहना है कि नहर की जमीन जंगल का रूप धारण कर चुकी है।
ब्लाक समिति के चेयरमैन नरिंदर सिंह मावी ने कहा कि लावारिस पशु एसवाईएल के साथ लगती किसानों की जमीन को नुनसान पहुंचा रहे है। उन्होने कहा कि यह जमीन वापस मिलने पर किसानों की आर्थिक तरक्की होगी।