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Patiala News: पंजाब में पराली जलाने के मामले हुए 176, चार शहरों का एक्यूआई यलो जोन में

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-89 मामलों में 4.40 लाख का जुर्माना, 3.15 लाख रुपये की वसूली
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-106 मामलों में एफआईआर दर्ज और 55 रेड एंट्री की गईं
-धान के कुल रकबे 31.72 लाख हेक्टेयर में से अभी तक केवल 19.50 प्रतिशत पर ही कटाई
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब में धान के कुल रकबे 31.72 लाख हेक्टेयर में से अब तक केवल 19.50 प्रतिशत पर कटाई हुई है लेकिन पराली के मामलों की कुल गिनती बढ़कर 176 पहुंच गई है। पंजाब में पराली जलाने के 11 नए मामले हुए। सरकारी दावों के विपरीत पराली लगातार जलने से शहरों का एक्यूआई भी हर बीतते दिन के साथ बढ़ता जा रहा है।
वीरवार को पंजाब के चार शहरों का एक्यूआई यलो जोन में दर्ज किया गया। इनमें खन्ना का सबसे अधिक 193 एक्यूआई दर्ज किया गया, जबकि बुधवार को यह 110 दर्ज किया गया था। वहीं जालंधर का 124, लुधियाना व पटियाला का 105-105 दर्ज किया गया। डाॅक्टरों के मुताबिक इस एक्यूआई में खास तौर से फेफड़े, अस्थमा और दिल के रोगों से पीड़ित मरीजों को सांस लेने में तकलीफ की समस्या हो सकती है। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से पराली जलाने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई भी की जा रही है। पंजाब में 89 मामलों में 4 लाख 40 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। इसमें से 3.15 लाख रुपये की वसूली भी कर ली गई है जबकि 106 मामलों में सेक्शन 223 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की गई है और 55 रेड एंट्री की गई हैं।
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पंजाब में 9 अक्तूबर से लगातार पराली जल रही है। इससे पंजाब के शहरों में प्रदूषण भी बढ़ने लगा है। अमृतसर में सबसे ज्यादा 73 मामले सामने आए हैं। इसके बाद तरनतारन में 51 मामले, पटियाला में 11, बरनाला में पांच, बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब, फरीदकोट, फाजिल्का व जालंधर में एक-एक मामला, फिरोजपुर में छह मामले, गुरदासपुर में तीन, होशियारपुर में दो, कपूरथला में पांच, लुधियाना में दो, मानसा व एसबीएस नगर में भी एक-एक मामला, मालेरकोटला में चार और संगरूर में पांच मामले हुए हैं। वहीं पराली के मामलों की रोकथाम के लिए तैनात किए 67 नोडल व सुपरवाइजर के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करके पूछा गया कि सूचना मिलने के बावजूद इन्होंने संबंधित खेत में पहुंच कर आग बुझाने के लिए समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की। इनमें 60 नोडल व सुपरवाइजरी अधिकारी अकेले पटियाला जिले से ही हैं जबकि पांच अमृतसर जिले और दो तरनतारन से हैं।
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