फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Stubble Burning: पंजाब में पराली के 5085 मामले, 1909 FIR, 2146 रेड एंट्रियां, एक करोड़ 23 लाख का जुर्माना

Sun, 23 Nov 2025 12:52 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला

सार

Stubble Burning News: पंजाब में सख्ती के बावजूद पराली जलाने के मामले पांच हजार से भी ज्यादा हो चुके हैं। ऐसे में इन मामलों में अब तक 1909 एफआईआर और 2146 रेड एंट्रियां हो चुकी हैं। वहीं एक करोड़ 23 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। 
विज्ञापन
खेत में आग लगने से जली पराली। संवाद - फोटो : संवाद (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब में पराली जलाने वालों के खिलाफ इस बार ताबड़तोड़ कार्रवाई हो रही है। मौजूदा सीजन में 15 सितंबर से लेकर अब तक पराली जलाने वालों के खिलाफ 1909 एफआईआर और 2146 रेड एंट्रियां की गई हैं। वहीं 2343 मामलों में 1 करोड़ 23 लाख 75 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।

विज्ञापन


इसमें से 62 लाख 45 हजार रुपये की वसूली भी कर ली गई है। पंजाब में पराली जलाने के मामलों में अब लगातार गिरावट आ रही है। शुक्रवार को पंजाब में पराली जलाने के 30 मामले हुए जबकि शनिवार को मात्र 9 मामले ही हुए। यह नवंबर महीने में अब तक के सबसे कम मामले रहे। इससे पंजाब में पराली जलाने के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 5085 हो गई है।

शनिवार को पंजाब के छह शहरों का एक्यूआई यलो जोन में रहा। इनमें अमृतसर का एक्यूआई 155, जालंधर का 182, खन्ना का 123, लुधियाना का 133, मंडी गोबिंदगढ़ का 169 और पटियाला का 173 दर्ज किया गया।
विज्ञापन


पराली जलाने में अब 696 मामलों के साथ जिला तरनतारन सबसे आगे हो गया है। वहीं दूसरे स्थान पर 695 मामलों के साथ जिला संगरूर है और फिरोजपुर में 547 मामले हुए हैं। अमृतसर से 315, बठिंडा से 368, मानसा से 304, मुक्तसर से 371, मोगा से 330, पटियाला से 235, कपूरथला से 136, लुधियाना से 218, फाजिल्का से 263, फरीदकोट से 132, बरनाला से 105, मालेरकोटला से 91, गुरदासपुर से 85, जालंधर से 83, फतेहगढ़ साहिब से 49, एसएएस नगर से 29, होशियारपुर से इस सीजन में पराली जलाने के कुल 17 मामले सामने आ चुके हैं।

वहीं 2024 में 15 सितंबर से लेकर अब तक पंजाब में पराली जलाने के कुल 10443 मामले सामने आए थे। इन आंकड़ों से साफ है कि पंजाब में इस बार 50 फीसदी के करीब कम पराली जली है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें