पंजाब में पराली जलाने वालों के खिलाफ इस बार ताबड़तोड़ कार्रवाई हो रही है। मौजूदा सीजन में 15 सितंबर से लेकर अब तक पराली जलाने वालों के खिलाफ 1909 एफआईआर और 2146 रेड एंट्रियां की गई हैं। वहीं 2343 मामलों में 1 करोड़ 23 लाख 75 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।
इसमें से 62 लाख 45 हजार रुपये की वसूली भी कर ली गई है। पंजाब में पराली जलाने के मामलों में अब लगातार गिरावट आ रही है। शुक्रवार को पंजाब में पराली जलाने के 30 मामले हुए जबकि शनिवार को मात्र 9 मामले ही हुए। यह नवंबर महीने में अब तक के सबसे कम मामले रहे। इससे पंजाब में पराली जलाने के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 5085 हो गई है।
शनिवार को पंजाब के छह शहरों का एक्यूआई यलो जोन में रहा। इनमें अमृतसर का एक्यूआई 155, जालंधर का 182, खन्ना का 123, लुधियाना का 133, मंडी गोबिंदगढ़ का 169 और पटियाला का 173 दर्ज किया गया।
पराली जलाने में अब 696 मामलों के साथ जिला तरनतारन सबसे आगे हो गया है। वहीं दूसरे स्थान पर 695 मामलों के साथ जिला संगरूर है और फिरोजपुर में 547 मामले हुए हैं। अमृतसर से 315, बठिंडा से 368, मानसा से 304, मुक्तसर से 371, मोगा से 330, पटियाला से 235, कपूरथला से 136, लुधियाना से 218, फाजिल्का से 263, फरीदकोट से 132, बरनाला से 105, मालेरकोटला से 91, गुरदासपुर से 85, जालंधर से 83, फतेहगढ़ साहिब से 49, एसएएस नगर से 29, होशियारपुर से इस सीजन में पराली जलाने के कुल 17 मामले सामने आ चुके हैं।
वहीं 2024 में 15 सितंबर से लेकर अब तक पंजाब में पराली जलाने के कुल 10443 मामले सामने आए थे। इन आंकड़ों से साफ है कि पंजाब में इस बार 50 फीसदी के करीब कम पराली जली है।