पटियाला। पंजाबी यूनिवर्सिटी के कांस्टीच्युएंट कॉलेजों में अब अध्यापकों व प्रिंसिपलों की कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई और प्रभावित नहीं होगी। पीयू प्रशासन ने इन कॉलेजों में स्थायी तौर पर 133 सहायक प्रोफेसरों व छह प्रिंसिपल भर्ती करने का फैसला लिया है।
बड़ी बात यह है कि 2021 के बजट के मुताबिक पीयू के कांस्टीच्युएंट कॉलेजों में 321 स्थायी पद खाली हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी की खराब वित्तीय स्थिति के कारण सभी पदों पर भर्ती फिलहाल संभव नहीं दिख रही है। इसलिए संबंधित कॉलेजों के प्रिंसिपलों के साथ लगातार बैठकें कर पीयू प्रशासन ने फिलहाल 133 पद स्थायी आधार पर भरने का फैसला लिया है। इस संबंधी प्रक्रिया भी पीयू ने शुरू कर दी है। इसके साथ ही पीयू से संबंधित कुल 13 कांस्टीच्युएंट कॉलेजों में से केवल तीन ही ऐसे हैं, जहां प्रिंसिपल के पद पक्के तौर पर भरे हुए हैं।
प्रभावित नहीं होगी पढ़ाई
डायरेक्टर कांस्टीच्युएंट कॉलेजस डॉ. त्रिशनजीत कौर का कहना है कि कॉलेजों में स्टाफ की कमी है। अब भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से विद्यार्थी काफी खुश हैं। इससे पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। उच्च शिक्षा के पक्ष से पिछड़े क्षेत्रों में इन कॉलेजों की स्थापना की गई है। खास तौर से पीयू के मानसा में बना कॉलेज पूरे भारत में इकलौता कॉलेज है, जो केवल लड़कियों के लिए है।
वेबसाइट पर मिलेगी भर्ती संबंधी जानकारी
इन स्थायी पदों के लिए योग्यता यूजीसी की ओर से तय व पीयू सिंडीकेट द्वारा अपनाए नियमों के अनुसार होगी। आवेदन प्राप्त करने की आखिरी तारीख 14 जनवरी 2022 तय की गई है। भर्ती प्रक्रिया संबंधी सारी जानकारी यूनिवर्सिटी की वेबसाइट से हासिल की जा सकती है।