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साउथ अफ्रीका के कोयले से प्लांटों को खतरा

Wed, 24 Jun 2015 10:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
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पंजाब के पावर प्लांटों की मशीनरी डैमेज होने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है। यह खतरा साउथ अफ्रीका से 150 करोड़ रुपये रुपये खर्च करके मंगाए जा रहे कोयले से पैदा हुआ है।
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दरअसल इस कोयले की हीट कैपेसिटी ज्यादा है, लेकिन पावरकाम के प्लांट इस हीट कैपेसिटी को झेलने मुताबिक डिजाइन नहीं हुए हैं। अगर यह कोयला प्लांटों में बिजली पैदा करने के लिए इस्तेमाल हुआ, तो ब्वायलर व सारी मशीनरी बुरी तरह से डैमेज हो जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में बड़ी गिनती में कोल ब्लाक एलोकेशंस को गैरकानूनी बता कर इन्हें रद कर दिया था। इससे पंजाब के प्लांटों में होने वाली 60 फीसदी कोयले की सप्लाई बंद हो गई थी।
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हालांकि पावरकाम को पचवाड़ा (झारखंड) कोल ब्लाक का आवंटन हो चुका है। लेकिन अभी तक इस खदान के चालू न होने से पंजाब के प्लांटों में आने वाले दिनों में कोयले की भारी कमी हो सकती है।

इस गंभीर संकट को देखते हुए ही पावरकाम ने अडानी ग्रुप से करार करके साउथ अफ्रीका से छह लाख टन कोयला आर्डर देकर मंगवाया है। यह कोयला एक जुलाई पंजाब के प्लांटों में पहुंचना शुरू हो जाएगा।

पावरकाम ने साउथ अफ्रीका से कोयला मंगवा तो लिया, लेकिन यह कोयला ही अब प्लांटों के लिए खतरा बन सकता है। दरअसल साउथ अफ्रीकन कोयले की हीट कैपेसिटी ज्यादा होती है, लेकिन पावरकाम के प्लांट इस हीट को सहने के मुताबिक डिजाइन नहीं हैं।

पावरकाम के अधिकारी कहते हैं कि ऐसे में विदेशी कोयले में अपना कोयला मिक्स करके इस्तेमाल कर लिया जाएगा। इससे कोयले की हीट कैपेसिटी इच्छा मुताबिक हो सकेगी। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि पावरकाम के पास विदेशी कोयले में सही मात्रा में अपना कोयला मिलाने के लिए भी मशीनरी नहीं है।

केवल अनुमानों के आधार पर दोनों कोयले आपस में मिलाकर इस्तेमाल किए जाएंगे, जिसमें बड़ा खतरा है। इस संबंध में पावरकाम के पीआरओ सुरजीत सिंह भट्टी ने माना कि साउथ अफ्रिकन कोयले में अपना कोयला डालकर बिजली पैदा की जाएगी। रिस्क न रहे, इसका पूरा ध्यान रखेंगे।  
   
बठिंडा प्लांट के अधिकारियों ने साउथ अफ्रिकन कोयले का इस्तेमाल करने से साफ इनकार कर दिया है। अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि कोयले की कमी हो जाए, लेकिन वह विदेशी कोयले इस्तेमाल नहीं करेंगे। जब प्लांट ही नहीं बचेगा, तो फिर बिजली की पैदावार क्या होगी। इससे पावरकाम मैनेजमेंट के फैसले को लेकर बड़ा विवाद भी खड़ा हो गया है।
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