बेरोजगार लाइनमैनों के धरनास्थल पर पुलिस ने अचानक धावा बोल दिया। बेरोजगार लाइनमैनों के विरोध के बावजूद पुलिस मरणव्रत पर बैठे प्रदेश प्रधान पिरमल सिंह को जबरन उठा कर ले गई और राजिंदरा अस्पताल में दाखिल करा दिया।
प्रदेश प्रधान ने अस्पताल में किसी तरह का इलाज कराने से इंकार कर दिया है। उधर प्रधान की जगह दलित परिवार से संबंधित रानी देवी मरणव्रत पर बैठ गई हैं। यूनियन ने चेतावनी दी है कि जब तक पावरकॉम में बेरोजगार लाइनमैनों की नियुक्तियां नहीं की जाएंगी आंदोलन रुकने नहीं दिया जाएगा।
बेरोजगार लाइनमैन यूनियन के प्रदेश मुख्य सलाहकार सोमा सिंह भड़ो ने बताया कि सुबह करीब सात बजे भारी पुलिस फोर्स ने अचानक माल रोड पर पावरकॉम हेडआफिस के सामने बेरोजगार लाइनमैनों के धरनास्थल पर धावा बोल दिया।
जैसे ही पुलिस ने मरणव्रत पर बैठे प्रदेश प्रधान पिरमल सिंह को उठाने की कोशिश की साथी बेरोजगार लाइनमैनों ने विरोध किया। इसके बाद पुलिस ने बेरोजगार लाइनमैनों को घेर लिया और जबरन प्रदेश प्रधान को उठाकर राजिंदरा अस्पताल में दाखिल करा दिया। जहां पिरमल सिंह ने इलाज कराने से इंकार कर दिया है।
उनकी हालत खराब है। पिरमल सिंह ने कहा है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी और चार हजार बेरोजगार लाइनमैनों की पावरकॉम में नियुक्तियां नहीं की जाएंगी उनका मरणव्रत जारी रहेगा।
उधर फाजिल्का के गांव इस्लामेवाला से दलित परिवार से संबंधित रानी देवी मरणव्रत पर बैठ गई हैं। रानी देवी के पति राजकुमार ने दिसंबर 2013 में रोजगार न मिलने के कारण प्रदेश सरकार की टालमटोल की नीतियों से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी।
यूनियन ने कहा कि एक तरफ केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल नन्ही छांव संस्था चलाकर लड़कियों की हमदर्द बनने के दावे करती हैं वहीं दूसरी तरफ एक महिला अपने हकों के लिए मरणव्रत पर बैठने को मजबूर है। सरकार कुछ नहीं कर रही है।