एसवाईएल के मुद्दे को लेकर सोमवार को अकाली दल की अगवाई में पंचायतों ने प्रस्ताव पास कर जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम मांगपत्र भेजा।
अकाली नेताओं ने छुट्टी का दिन होने के कारण नायब तहसीलदार को मिनी सचिवालय बुलाकर मांगपत्र सौंपा।
इससे पहले गुरुद्वारा भटट्ठा साहिब में शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने अकाली दल व भाजपा नेतायों के साथ बैठक की। इस मौके पर चीमा ने कहा कि केंद्र में लंबे समय तक राज करने वाली कांग्रेस सरकारों ने हमेशा पंजाब और पंजाबियों के साथ सौतेला व्यवहार किया है। पंजाब देश का अन्नदाता है। पंजाब के पानी की चौकीदारी के लिए हरेक पंजाबी को पहरा देने की जरूरत है। चीमा ने कहा कि जिला दरिया और नहरों के किनारे पर होने के बावजूद सिंचाई के लिए नहरी पानी उपलब्ध नहीं है।
उन्होने कहा कि पानी के मुद्दे पर शुरू से ही पंजाब के साथ धक्का किया जाता रहा है। दिल्ली के मुख्य मंत्री पर बोलते हुए कहा कि जब वह पंजाब में आए थे तो उन्होंने बयान दिया था कि एसवाईएल नहर नहीं बननी चाहिए और दिल्ली पहुंचने पर कहने लगे कि एसवाईएल हरियाणा की है इस लिए बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि पानी के बटवारे में पंजाब के साथ हुई धक्केशाही के लिए कांग्रेस पार्टी जिम्मेवार है।
इस मौके पर अमरजीत सिंह चावला, अजमेर सिंह खेड़ा एसजीपीसी मेंबर, बीबी सतवंत कौर संधू पूर्व मंत्री, परमजीत सिंह मकड्ड प्रधान अकाली दल शहरी, योगेश सूद जिला भाजपा प्रधान, मनजीत सिंह घनोली चेयरमैन मार्केट समिति, जत्थेदार शुद्ध सिंह बीबी जगमीत कौर संधू, हरप्रीत सिंह बसंत, रचना लाबा, गौरव राणा, राजेस्वर जैन मौजूद थे।