मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि अकाली-भाजपा दोनों पार्टियों का नाखून-मांस का रिश्ता है और वह इस रिश्ते की मजबूती के लिए वचनबद्धता के साथ पहरा देते रहेंगे।
साथ ही बादल ने कांग्रेस पर बरसते हुए कहा कि यह पार्टी फूट डालो व राज करो की नीति पर चलती है, जिससे लोगों को सचेत रहने की जरूरत है। वह शनिवार को गांव रखड़ा में कैबिनेट मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा के पिता सूबेदार करतार सिंह धालीवाल की 19वीं बरसी के मौके पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में शिरकत करने के मौके पर पत्रकारों से बात कर रहे थे।
बादल ने कहा कि कांग्रेस का यह इतिहास रहा है कि यह पार्टी पंजाब में सत्ता हासिल करने के लिए सदियों से भाइयों जैसे हिंदू-सिखों में दरार डालने की चालें चलती आई है और अब फिर कांग्रेस यह नीति अपनाने के प्रयासों में है। उनकी सरकार की सफलता विरोधियों को चुभती है।
इस कारण पंजाब के शांत माहौल को खत्म करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बादल ने पंजाब के लोगों को कांग्रेस की फूट डालो व राज करो की नीति के बारे में सचेत किया।
पावन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाओं पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए बादल ने कहा कि इन दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से सारी मानवता के मनों को गहरी ठेस पहुंची है। इसीलिए मंत्रिमंडल ने इस गुनाह के दोषियों को कड़ी सजा देने के लिए कानून में संशोधन करके उम्रकैद की व्यवस्था कर दी है।
अकाली भाजपा गठबंधन के बारे में पूछे सवाल के जवाब में बादल ने कहा कि दोनों पार्टियों का रिश्ता अटूट है। किसानी संकट के बारे में बादल ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास भी किसानों को पेश समस्याएं उठाते हुए खेती सेक्टर को दोबारा पैरों पर खड़ा करने के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर तुरंत ठोस फैसले लेने की अपील की है।
इससे पहले सूबेदार करतार सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए बादल ने कहा कि सूबेदार करतार सिंह का सारा जीवन सभी के लिए प्रेरणा स्रोत है, जिन्होंने बहुत मुश्किल समय में गुजर कर बुलंदियों को छुआ और जीवन के आखिर समय समाज की सेवा करने के सिद्धांत को ईमानदारी से अपनाया। उनके तीनों लड़के भी उन्हीं के दिखाए हुए रास्ते पर चलते हुए दुनिया भर में समाज भलाई कामों के जरिये नाम कमा रहे हैं।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा, प्रवासी भारतीय दर्शन सिंह धालीवाल, पंजाब विधानसभा के स्पीकर चरनजीत सिंह अटवाल, जेल मंत्री सोहन सिंह ठंढल, एसजीपीसी के पूर्व प्रधान प्रोफेसर किरपाल सिंह बडूंगर मौजूद रहे।