पंजाब में हीट वेव के कारण हुई भीषण गरमी और धान सीजन के चलते बिजली की मांग में मंगलवार को रिकार्ड वृद्धि हुई। बिजली की मांग 16249 मेगावाट पहुंच गई है। एक ही दिन में पंजाब में बिजली की मांग 625 मेगावाट तक बढ़ गई, क्योंकि सोमवार को बिजली की अधिकतम मांग 15624 मेगावाट दर्ज की गई थी।
यह इस सीजन में अब तक की सबसे ज्यादा मांग रही, वहीं इसने बीते दो सालों का रिकार्ड भी तोड़ा। प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक साल 2023 में 10 जून को पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 9790 मेगावाट और 2024 में 11509 मेगावाट दर्ज की गई थी। खास बात यह है कि साल 2024 में पूरे जून महीने की बिजली की सबसे अधिक मांग 29 तारीख को 16089 मेगावाट दर्ज की गई थी। इस हिसाब से देखें, तो इस साल 10 जून को बिजली की अधिकतम मांग 16249 मेगावाट पहुंच गई है। इससे पावरकाम अधिकारी काफी चिंता में हैं।
पावरकाम के पास हैं 16900 मेगावाट के प्रबंध
अधिकारियों का कहना है कि उत्तरी ग्रिड से बिजली लेने की सीमा 10400 मेगावाट है और आदर्श परिस्थितियों में पावरकाम की अपनी अधिकतम बिजली उपलब्धता लगभग 6500 मेगावाट हो सकती है। ऐसे में पावरकाम के पास 16900 मेगावाट तक की बिजली मांग पूरा करने के प्रबंध हैं।
इस बार पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 17500 मेगावाट तक जाने के अनुमान हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जब भी मांग 16900 मेगावाट पार करती है, तो पावरकाम की ओर से अनशेड्यूल कट लगाकर इस मांग को कम किया जाएगा। गौरतलब है कि 2024 में भी पावरकाम को अनशेड्यूल कट लगाकर मांग को कम करना पड़ा था।
बंद पड़े रणजीत सागर बांध के तीन यूनिट शुरू
मंगलवार को पंजाब में सभी थर्मल प्लांटों के यूनिट बिना किसी बाधा के चले। इनमें सरकारी क्षेत्र के रोपड़ थर्मल प्लांट, लहरा मुहब्बत और गोइंदवाल थर्मलों से पावरकाम को 2010 मेगावाट बिजली, निजी क्षेत्र में राजपुरा और तलवंडी साबो थर्मलों से 3160 मेगावाट और हाइडल प्रोजेक्टों से 831 मेगावाट बिजली की उपलब्धता हुई।
खास बात यह रही है कि पिछले काफी समय से बंद पड़े रणजीत सागर बांध के तीन यूनिट अब चालू कर दिए गए हैं और इनसे पावरकाम को 387 मेगावाट बिजली मिली। अब रणजीत सागर बांध का केवल एक यूनिट बंद पड़ा है।
गौरतलब है कि इस बांध के 600 मेगावाट की क्षमता के चार यूनिट हैं। पावरकाम को अपने सभी स्रोतों से 6260 मेगावाट बिजली की उपलब्धता हुई। बाकी की बिजली पावरकाम ने बाहर से ली। राहत की बात है कि सभी थर्मलों में इस समय कोयले का पर्याप्त स्टाक मौजूद है। इनमें लहरा मुहब्बत में 22 दिनों का, रोपड़ में 33 दिनों का, गोइंदवाल में 30 दिनों, राजपुरा में 33 दिनों और तलवंडी साबो में 24 दिनों का कोयला मौजूद है।
बढ़ते तापमान के साथ ऐसे हुई बिजली की मांग में वृद्धि
एक जून को पंजाब में पारा 42.3 डिग्री और बिजली की अधिकतम मांग 10713 मेगावाट दर्ज की गई। इसी तरह से दो जून को पारा 42.7 डिग्री और बिजली की मांग 10939 मेगावाट, तीन जून को पारा 38 डिग्री रहा, तो बिजली की मांग 10441 मेगावाट, चार जून को भी तापमान 38 डिग्री और मांग 10509 मेगावाट, पांच जून को पंजाब में पारा 37.8 डिग्री और तापमान 10745 मेगावाट, छह जून को पारा 40.4 डिग्री और मांग 11961 मेगावाट, सात जून को पारा 42.6 डिग्री और तापमान 13577 मेगावाट, आठ जून को पारा 44.8 डिग्री और पारा 13510 मेगावाट और 9 जून को पारा 46.1 डिग्री व बिजली की मांग 15624 मेगावाट दर्ज की गई थी।