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US Deport Indian: 40 लाख खर्च कर अमेरिका पहुंचा था राजपुरा का नवजोत, किसान पिता ने बेटे के लिए उठाया था रिस्क

Thu, 06 Feb 2025 03:31 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, राजपुरा (पंजाब)

सार

आंखों में हजारों सपने लेकर अमेरिका गए युवाओं ने कभी सोचा भी नहीं था कि वे हथकड़ियों और बेड़ियों में जकड़ पर अपने देश लौटेंगे। बुधवार को अमेरिका का विशेष विमान जब 104 भारतीयों डिपोर्ट कर वापस लौटा तो अपने पीछे कई सवाल छोड़ गया। आखिर क्या कारण है कि देश के युवा खुद को तमाम परेशानियों में डाल कर भी विदेश जाने के लिए आमादा हैं।
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अमेरिका से डिपोर्ट नवजोत शर्मा का घर। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अमेरिका से डिपोर्ट किए गए 104 भारतीय नागरिकों 30 लोग पंजाब के हैं। इनमें एक पटियाला के राजपुरा का युवक भी शामिल है। राजपुरा के गांव हरपालपुर का नवजोत शर्मा भी अमेरिका से डिपोर्ट होकर वापस गांव लौटा है। नवजोत का पिता महिपाल शर्मा किसान हैं। उन्होंने अपने इकलौते बेटे को अमेरिका भेजने के लिए बड़ी मुश्किल से पैसे जुटाए थे। नवजोत के डिपोर्ट होने की खबर गांव में एक प्रमुख चर्चा का विषय बनी हुई है। 
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स्थानीय लोगों का कहना है कि नवजोत लगभग एक साल पहले किसी अन्य देश से डौंकी रूट से अमेरिका पहुंचा था। नवजोत ने एक एजेंट को करीब 40 लाख रुपये दिए थे। नवजोत के पिता महिपाल शर्मा के पास खेती-बाड़ी के अलावा अन्य कोई कमाई का साधन नहीं है और न ही ज्यादा संपत्ति है, लेकिन उन्होंने अपने बेटे के भविष्य को संवारने के लिए यह बड़ा रिस्क उठाया था। 

कुछ बताने को तैयार नहीं घरवाले
राजपुर पुलिस नवजोत शर्मा को बुधवार रात घर लेकर पहुंची। नवजोत के परिवार के सदस्य मामले को लेकर ज्यादा बात नहीं कर रहे हैं। हालांकि पड़ोसी और अन्य ग्रामीण इस घटना को लेकर चर्चा कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक नवजोत ने अमेरिका में कुछ ही महीने बिताए थे, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उसे अमेरिकी पुलिस ने हिरासत में ले लिया और फिर डिपोर्ट कर दिया। 
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चिंता में डूबा परिवार 
अमेरिका से डिपोर्ट होने के बाद नवजोत का परिवार इस स्थिति को लेकर चिंतित है। नवजोत का पिता महिपाल शर्मा अपने बेटे की वापसी पर दुखी हैं जिससे वह कैमरे के सामने आने से बचते रहे। लोगों का कहना है कि परिवार के पास सीमित संसाधन थे, लेकिन उन्होंने अपने बेटे को विदेश भेजने के लिए हर संभव प्रयास किया। 

नवजोत की उम्मीदों पर फिरा पानी
नवजोत भारी रकम खर्च करके अमेरिका में एक बेहतर जीवन की उम्मीद के लिए गया था, लेकिन उसकी सारी उम्मीदों पर उस समय पानी फिर गया जब उसे ट्रंप सरकार ने डिपोर्ट कर दिया। अब उनके परिवार के लिए यह एक महत्वपूर्ण सबक है और उनके आसपास के लोग भी इस घटना से सीख सकते हैं कि विदेश यात्रा करने के लिए सही और कानूनी रास्ते ही सबसे सुरक्षित और फायदेमंद होते हैं
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