संगरूर रेलवे स्टेशन पर खड़ी बारदाना से लदी मालगाड़ी।
- फोटो : अमर उजाला
गेहूं रखने के लिए भुवनेश्वर से संगरूर आए खरीद एजेंसियों के बारदाने की अनलोडिंग नहीं हो पाई। बारदाने को गाड़ी से उतारने के लिए ठेकेदार और पल्लेदार एकमत नहीं थे। पल्लेदारों का आरोप था कि अनलोडिंग के लिए ठेकेदार मजदूरों को कम पैसे दे रहा है। अनलोडिंग में घंटों की देरी होने पर रेलवे विभाग के माल विभाग ने तीन खरीद एजेंसियों पर करीब पचास हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया है।
संगरूर रेलवे स्टेशन पर सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे से बारदाने की भरी गाड़ी के 18 डिब्बे अनलोडिंग के लिए खड़े हैं। यह बारदाने गेहूं खरीद एजेंसी पंजाब एग्रो, मार्कफैड और पनसप के हैं बारदानों को भुवनेश्वर से मंगाया गया है।
रेलवे विभाग के माल गोदाम के सुपरवाइजर अजय कुमार ने कहा कि इस माल को अनलोडिंग करने के लिए पांच घंटों का समय निर्धारित किया गया था। निर्धारित समय बीत जाने के बाद 150 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा।
अनलोडिंग में देरी होने के कारण संबंधित खरीद एजेंसियों को पचास हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। डीएफएससी संगरूर मनजीत सिंह ने कहा कि इस मामले का हल हो गया है और माल की अनलोडिंग शुरू हो गई है।
पंजाब प्रदेश पल्लेदार मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष तेलू राम, रामपाल मूनक, सुखपाल सिंह ने बताया कि टेंडर लेने वाले हरजीत सिंह ने पल्लेदारों की एकजुटता के कारण टेंडर छोड़ दिया है। इसके बाद यह टेंडर उनकी कमेटी को अलाट हो गया है। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं कि ठेकेदारी प्रथा बंद हो और पल्लेदारों को सीधी अदायगी की जाए।