किसानों ने बुधवार को अमृतसर, पठानकोट, होशियारपुर, लुधियाना, सुनाम समेत कई जगह दोपहर 12 से तीन बजे तक रेलवे ट्रैक पर बैठकर ट्रेनों का संचालन बंद करवा दिया। तीन घंटे तक किसान जत्थेबदियां पटरियों पर बैठी रही।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी समेत विभिन्न मांगों के लिए लेकर शंभू व खनौरी बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों ने बुधवार को तीन घंटे के लिए पंजाब में ट्रेनों को पूरी तरह से रोका। किसानों ने सूबे में 52 जगह रेलवे ट्रैक पर धरना दिया। रेल रोको आंदोलन के चलते 12 ट्रेनें रद्द की गई। इसके अलावा दो ट्रेनों को शार्ट टर्मिनेट, दो ट्रेनों को शार्ट ओरिजीनेट व 34 ट्रेनों को विलंब के कारण देरी से चलाया गया है। यह जानकारी रेल डिवीजन फिरोजपुर के डीआरएम संजय साहू ने दी है।
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बुधवार को किसानों ने शंभू बॉर्डर समेत पटियाला रेलवे स्टेशन, धबलान रेल ट्रैक को दोपहर 12 बजे से लेकर तीन बजे तक जाम करके धरने दिए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कईं ट्रेनें प्रभावित हुईं। इस वजह से यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। किसानों ने अमृतसर, पठानकोट, होशियारपुर, लुधियाना, सुनाम समेत कई जगह दोपहर 12 से तीन बजे तक रेलवे ट्रैक पर बैठकर ट्रेनों का संचालन बंद करवा दिया।
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किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि रेल रोको आंदोलन का किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और छोटे व्यापारियों का भरपूर समर्थन मिला है। केंद्र सरकार देश की कृषि और सार्वजनिक संस्थानों को कारपोरेट घरानों को बेचने पर तुली हुई है। इसे किसी कीमत पर होने नहीं दिया जाएगा। इसके चलते अब 30 दिसंबर को पंजाब बंद का आह्वान किया गया है। लोगों से अपी है कि पंजाब बंद को पूरी तरह से सफल बनाएं, ताकि केंद्र सरकार की जड़ें हिलाई जा सकें।
रेल अधिकारियों ने बताया कि किसान जत्थेबंदियों ने फिरोजपुर मंडल के लगभग 52 स्थानों पर धरना प्रदर्शन कर रेलमार्ग प्रभावित किया। इस प्रदर्शन के चलते डिवीजनभर में 12 ट्रेनों को कैंसिल करना पड़ा है। किसानों के धरने के कारण देरी से चलाई गई ट्रेनों को ऐसे स्थानों पर रोका गया जहां रेलयात्रियों को कोई असुविधा का सामना न करना पड़े। यात्रियों को चाय पानी (खान-पान) की सुविधा मिलती रहे। रेलयात्रियों को प्रभावित ट्रेनों की जानकारी मिलती रहे, इसके लिए स्टेशनों पर हेल्प डेस्क की व्यवस्था और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से अनाउंसमेंट की जा रही थी। धरना खत्म होने के बाद सुरक्षा संबंधित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए ट्रेन संचालन शुरू कर दिया गया।