पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी में आयोजित समारोह में पहुंची शख्सियतों को सम्मानित करते यूनिवर्सिटी के डीन रिसर्च डा. एएस चावला।
- फोटो : अमर उजाला
पंजाबी यूनिवर्सिटी के डीन रिसर्च डा. एएस चावला ने कहा कि अध्यापकों को अपने स्टूडेंट्स के प्रति भरपूर सहयोग देने की जरूरत है। ताकि वह ज्यादा से ज्यादा ज्ञानवान बन सकें। वह यूनिवर्सिटी की भाई काहन सिंह नाभा लाइब्रेरी की ओर से सीनेट हॉल में आयोजित तीन दिवसीय यूनेस्को स्पांसर एमआईएल कैपेस्टी बिल्डिंग वर्कशाप को संबोधित कर रहे थे।
समारोह के मुख्य मेहमान आईएनएफएलआईबीएनईटी सेंटर गांधीनगर के डायरेक्टर डा. जगदीश अरोड़ा ने मौजूद लोगों को यूजीसी और मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से उठाए गए ई-सिखलाई कदमों के बारे में जानकारी दी। इन ई-सिखलाई कदमों में ईपीजी पाठशाला, ई-विद्यामित्र, स्वयंम और स्वयंमप्रभा शामिल हैं।
कार्यक्रम के विशेष मेहमान डा. दिलारा बेगम एसोसिएट प्रोफेसर और चेयरपर्सन सूचना अध्यनन और लाइब्रेरी प्रबंध विभाग ईस्ट वेस्ट यूनिवर्सिटी ढाका बांग्लादेश ने बांग्लादेश में मीडिया और सूचना साक्षरता नीति के प्रभावों के बारे में बताया।
उन्होंने बताया कि परिवर्तन की जरूरत को महसूस करते हुए हमें मीडिया साक्षरता नीति निपुणताओं को उम्रभर की सिखलाई व विकास के प्रसंग में अपनाने की जरूरत है। इससे पहले डा. जगतार सिंह प्रोफेसर इंचार्ज भाई काहन सिंह नाभा लाइब्रेरी और वर्कशॉप कोआर्डिनेटर ने वर्कशॉप के विषय के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने इस मौके पर अल अमीन युसूफ एडवाइजर फॉर कम्युनिकेशन और इंफोरमेशन साउथ एशिया यूनेस्को नई दिल्ली ऑफिस की ओर से भेजा संदेश भी पढ़ा। उन्होंने कहा कि यह वर्कशॉप ठीक समय पर आयोजित की जा रही है जब विश्व मुश्किल समय से निकल रहा है। वर्कशॉप के उद्घाटनी समागम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए 150 डेलीगेटों ने हिस्सा लिया।