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मातृ भाषा भूलना अपना अस्तित्व खोने के बराबर : वीसी

Sun, 01 May 2016 03:38 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
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प‌टियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मौजूद अतिथि। - फोटो : अमर उजाला
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पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डा. जसपाल सिंह ने कहा कि अपनी मातृ भाषा को भूलना अपना अस्तित्व खोने के बराबर है। सभी को अपनी मातृ भाषा के प्रति प्रेम और आदर-सत्कार होना चाहिए। वह यूनिवर्सिटी के 54वें स्थापना दिवस के मौके पर श्री गुरू तेग बहादुर हाल में आयोजित नौंवी सर्व भारतीय पंजाबी कान्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी पंजाबी भाषा, साहित्य, सभ्याचार के प्रचार-प्रसार और इसकी संभाल के प्रति वचनबद्ध है। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए यूनिवर्सिटी ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में क्षेत्रीय पंजाबी कान्फ्रेंसों के आयोजन किए हैं। जिससे पंजाबी भाषा और सभ्याचारक परिवारों को जोड़ा जा रहा है। इस मौके पर वीसी ने विभिन्न क्षेत्रों में बहूमूल्य योगदान डालने वाली शख्सियतों को नगद पुरस्कार, शाल व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
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इनमें गुरबख्श सिंह प्रीतलड़ी के परिवार, रीमा आनंद, आल इंडिया पिंगलवाड़ा संस्था, भाई वीर सिंह साहित्य सदन, फिल्म कलाकार गिरिजा शंकर, लोक गायक गुरपाल सिंह कोटकपुरा, नरिंदर सिंह बिंदरा उत्तराखंड, जाने-माने बाक्सिंग कोच गुरबख्श सिंह संधू, लोक गायक अमरजीत सिंह गुरदासपुरी, गुरदीप सिंह संधू यूके, जंग बहादुर गोयल, ढाडी गायक देसराज लचकानी, जसबीर सिंह राजस्थान को उनके अपने-अपने क्षेत्र में डाले बहुमूल्य योगदान के लिए 31 हजार रुपये नगद, शाल व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। 

इस मौके पर मुख्य मेहमान मेंबर राज्य सुखदेव सिंह ढींढसा ने कहा कि हर साल पीयू के स्थापना दिवस को मनाते हुए महान शख्सियतों को सम्मानित करने से यूनिवर्सिटी खुद सम्मानित होती है। जाने-माने पंजाबी साहित्यकार डा. सुरजीत पातर ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से पंजाबी भाषा एक्ट पास करना मातृ भाषा पंजाबी के विकास के लिए एक उत्साहजनक काम है। उन्होंने पंजाबी भाषा की प्रफुल्लता के लिए ऐसे और सकारात्मक कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया। 
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श्री गुरु ग्रंथ साहिब वर्ल्ड यूनिवर्सिटी फतेहगढ़ साहिब के वाइस चांसलर डा. गुरमोहन सिंह वालिया ने अपने संबोधन में पंजाबी साहित्य को पढ़ने की जरूरत पर जोर दिया। इस मौके पर पूर्व एमपी त्रिलोचन सिंह. राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थाओं आयोग दिल्ली के मेंबर डा. बलतेज सिंह मान, अकाली नेता प्रेम सिंह चंदूमाजरा भी मौजूद रहे। इस मौके पर यूनिवर्सिटी के सेंटर फार एडवांस्ड मीडिया स्टडीज की ओर से तैयार एक दस्तावेजी फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
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