पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में पहुंचीं शख्सियतों को सम्मानित करते वीसी डा. जसपाल सिंह।
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पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डा. जसपाल सिंह ने कहा कि यूनिवर्सिटी मानव संस्थान विकास मंत्रालय और यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन के पास पहुंच करके गुरमत संगीत को सारे देश में विषय के तौर पर लाने के लिए हर संभाव प्रयास करेगी। वह यूनिवर्सिटी की गुरमत संगीत चेयर और जवदी टकसाल लुधियाना की ओर से संत बाबा सुच्चा सिंह की ओर से शुरू किए अद्वितीय गुरमत संगीत सम्मेलन की 25वीं वर्षगांठ को समर्पित राष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित कर रहे थे।
वीसी ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने गुरमत संगीत की महत्ता को समझन में गहरी दिलचस्पी दिखाई और राबिंदरनाथ टैगोर ने अपनी जीवनी में गुरमत संगीत को शास्त्रीय रागों पर आधारित एक अद्वितीय रूहानी संगीत बताया।
गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर के पूर्व वीसी डा. एसपी सिंह भी इस मौके पर विशेष तौर से मौजूद रहे। यूनिवर्सिटी के डीन अकादमिक मामले डा. गुरनाम सिंह ने कहा कि राबिंदरनाथ टैगोर ने गुरमत संगीत को राबिंदर संगीत से ज्यादा मूल्यवान बताया।
गुरमत संगीत चेयर और ऑनलाइन स्टडी सेंटर की स्थापना करने में पेश आई मुश्किलों और प्राप्त हुई सहायता का वर्णन करते डा. गुरनाम सिंह ने कहा कि हरवल्लभ संगीत सम्मेलन की तरह रबाबी भाई मरदाना संगीत उत्सव हर साल यूनिवर्सिटी में मनाया जा रहा है।