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यूनिवर्सिटी मुलाजिमों ने पटियाला-चंडीगढ़ रोड जाम करके वीसी का पुतला फूंका

Fri, 17 Feb 2017 02:54 PM IST
पटियाला
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पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन करते कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
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पंजाबी यूनिवर्सिटी में माहौल गर्मा गया है। तनख्वाहें न मिलने और रिटायरमेंट के बाद दोबारा नौकरियां कर रहे अध्यापकों को रिलीव न करने के विरोध में टीचिंग व नान टीचिंग मुलाजिमों ने यूनिवर्सिटी को बंद करा दिया।
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इसके बाद यूनिवर्सिटी के सामने पटियाला-चंडीगढ़ रोड जाम करके वीसी का पुतला फूंका। इससे पहले मुलाजिमों ने यूनिवर्सिटी में उन सात विभागों के आगे रोष प्रदर्शन भी किया, जिनमें रिटायरमेंट के बाद अध्यापक दोबारा नौकरियां कर रहे हैं। साथ ही पीयू कैंपस में रोष मार्च निकाला और फिर वीसी दफ्तर के आगे भी धरना दिया। 

सुबह करीब 10 बजे बड़ी गिनती में मुलाजिम पीयू कैंपस में इकट्ठा हुए। मुलाजिमों ने विभिन्न विभागों को बंद कराया। साथ ही उन करीब सात विभागों को अपना निशाना बनाया, जहां रिटायरमेंट के बाद अध्यापक दोबारा नौकरियां कर रहे हैं। इनमें पंजाबी, कंप्यूटर, डीपीडी, फिजिक्स वगैरा विभाग शामिल रहे। बारी-बारी से इन विभागों के आगे मुलाजिमों ने रोष प्रदर्शन किया।
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इसके बाद मुलाजिमों ने खाली पीपे खड़काते हुए पीयू मैनेजमेंट के खिलाफ रोष जताया और मार्च करते हुए वीसी दफ्तर तक पहुंचे। जहां मुलाजिमों ने धरना दिया। इसके बाद मुलाजिम नारेबाजी करते हुए यूनिवर्सिटी के बाहर पटियाला-चंडीगढ़ रोड पर पहुंचे और वीसी का पुतला फूंका। धरने में बड़ी गिनती में महिला मुलाजिमों ने भी हिस्सा लिया। 

तनख्वाह रिलीज करने और रिटायरमेंट के बाद भी नौकरियां कर रहे अध्यापकों को हटाने की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से वीसी दफ्तर के आगे इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान रजिंदर सिंह राजू भूख हड़ताल पर बैठे थे। उन्होंने आज भूख हड़ताल को मरणव्रत में तबदील कर दिया। 

पंजाबी यूनिवर्सिटी में रिटायरमेंट के बाद दोबारा नौकरी कर रहे अध्यापकों के हक में स्टूडेंट जत्थेबंदियां उतर आई हैं। वीरवार को रिसर्च स्कालर एसोसिएशन पंजाबी यूनिवर्सिटी के नुमाइंदों चंदन, गुरजीत भीखी, सुखराज सिंह आदि ने कहा कि अगर रिइंप्लाइड प्रोफेसरों को रिलीव किया गया, तो जिन स्टूडेंट्स का इन प्रोफेसरों के अधीन रिसर्च प्रोजेक्ट चल रहे हैं, उनका काम बीच में लटक जाएगा। उन्होंने मांग की कि पीयू मैनेजमेंट कोई भी फैसला लेते हुए रिसर्च स्कालरों के भविष्य को ध्यान में जरूर रखे।
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