पंजाबी सूबे की 50वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में नेहरू स्टेडियम में राज्य स्तरीय समागम करवाया गया। उद्घाटन शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने किया। समागम में पंजाब के मेले ओर पंजाबी सभ्याचार से रूबरू कराया गया।
कार्यक्रम में राज्य के 16 जिलों से 550 के करीब विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। डॉ. चीमा ने हर जिले के पंडाल का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों की हौसला आफजाई की। समागम में विद्यार्थियों ने अपने जिलो के परंपरागत मेले और त्योहारों की प्रदर्शनी लगाई। सरकारी प्राथमिक स्कूल भट्टों और पस्सीवाल के विद्यार्थियों ने गिद्दा और भंगड़ा पेश किया।
रोपड़ ने होला मोहल्ला, लुधियाना ने छपार का मेला, मानसा ने माईसर खानों का मेला, बठिंडा ने बैसाखी का मेला, श्री मुक्तसर साहिब ने माघी का मेला, मोगा ने माड़ी का मेला, बरनाला से शहीद सेवा सिंह ठीकरीवाल का मेला, फाजिल्का ने लड़कियों की लोहड़ी, पठानकोट ने दशहरे का मेला, जालंधर ने हरवलभ संगीत सम्मेलन, कपूरथला ने त्रिंझणों का मेला, होशियारपुर ने माता चिंतपुरनी का मेला, संगरूर से श्री मस्तुआना साहिब का मेला, एसएएस नगर ने तीज का मेला और अमृतसर ने दीवाली का मेला पेश किया।
जज की भूमिका अमरपाल सिंह बैंस आईईटी भद्दल, ड़. निर्मल सिंह बराड़ सरकारी कालेज रोपड़, ड़. परमजीत सिंह कलसी गुरदासपुर ने निभाई। इस मौके पर बावा सिंह चेयरमैन नगर सुधार ट्रस्ट, परमजीत सिंह मकड़ प्रधान नगर काउंसिल, आरपी सिंह शैली प्रधान यूथ अकाली दल ऐसी विंग, हरविंदर सिंह कमालपुर प्रधान यूथ अकाली दल शहरी, पार्षद गुरमुख सिंह सैनी,रमन जिंदल, करनैल सिंह तम्बड़, कुलवंत सिंह मौजूद थे।
बदइंतजामी ने समागम की खोली पोल
राज्य स्तरीय समागम प्रबंधों की नाकामी की भेंट चढ़ गया। विभाग की ओर से किये प्रबंधों से दूसरे जिलों विद्यार्थियों ओर अध्यापक नाराज दिखे। बरनाला से आए एक अध्यापक ने बच्चों के लिए पानी तक का कोई प्रबंध नहीं किया गया। विद्यार्थी सुबह आठ बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक पानी को तरसते रहे।
फाजिलका से आए अध्यापक ने बताया कि वह सुबह चार बजे के करीब गुरुद्वारा भट्ठा साहिब में पहुंचे थे। वहां विभाग ने कोई प्रबंध नहीं किए थे। इस राज्य स्तरीय समागम के लिए सरकार ने कोई फंड उपलब्ध नहीं कराया। कोई भी अधिकारी फंडों को बारे में नहीं बता रहा था। इसके अलावा नेहर स्टेडियम में 16 जिलों के पंडाल लगे और छह जिलों के पंडाल खाली रहे।