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नदियों में पानी के स्तर पर नोटिस लें चीफ जस्टिस : कैप्टन

Sat, 11 Jun 2016 09:57 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
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पटियाला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बोलते प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को सतलुज यमुना लिंक नहर के मुद्दे पर फैसला लेने से पहले नदियों में बह रहे पानियों के मौजूदा असली स्तर पर जरूर नोटिस लेने की अपील की है। साथ ही कैप्टन ने समान विचारधारा वाली धर्मनिरपेक्ष व लोकतांत्रिक ताकतों व पार्टियों, जैसे सीपीआई, सीपीएम व बसपा से पंजाब व इसके भविष्य के लिए एक मंच पर आने की अपील की है।
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यूनाइटेड कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (यूसीपीआई) के स्टेट चैप्टर के एक डेलीगेट सेशन को संबोधित करते हुए कैप्टन ने कहा कि पंजाब के पास अन्य राज्यों को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं बचा है। ऐसे में यदि सुप्रीम कोर्ट पंजाब के खिलाफ फैसला लेता है, तो यहां के मालवा क्षेत्र की कम से कम 10 लाख एकड़ जमीन सूखकर बंजर हो जाएगी। उन्होंने बताया कि 1921 से 1945 तक के पुराने पंजाब की नदियों में पानी का बहाव 15.8 एमएएफ (मिलियन एकड़ फीट) था। उसके बाद ग्लेशियर पिघल चुके हैं, जिसके चलते पानी का स्तर अब गिरकर 13 एमएएफ पहुंच चुका है। उन्होंने खुलासा किया कि इराडी कमीशन द्वारा 18 एमएएफ पानी का बहाव होने संबंधी किया गया दावा गलत है, क्योंकि ये आंकड़े पंजाब में बाढ़ के वक्त के हैं। इराडी कमीशन के आधार पर हरियाणा सरकार अपने हिस्से का दावा करती है, जो अन्याय है। 
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