मांगों को लेकर पंजाब सरकार व मैनेजमेंट के अड़ियल रवैये के खिलाफ पीआरटीसी के ठेका मुलाजिमों में गुस्सा फूट पड़ा है।
पीआरटीसी वर्कर यूनियन आजाद संबंधित लोक लहर (दूसरी आजादी के लिए) ने नाभा रोड पर कारपोरेशन के हेडआफिस में सोमवार को प्रदेश स्तरीय बैठक करके ऐलान किया कि बुधवार से पीआरटीसी में मुकम्मल चक्का जाम करके पूरे पंजाब में अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल की जाएगी जिसके गंभीर परिणामों की जिम्मेदार सरकार खुद होगी।
यूनियन के प्रदेश महासचिव रूपिंदर सिंह रौगला ने कहा कि लोकसभा चुनाव के कारण पंजाब सरकार की ओर से आए दिन अखबारों में बयानबाजी की जा रही है कि ठेकेदारी सिस्टम का पूरी तरह से खात्मा जल्द किया जाएगा लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इस वजह से पीआरटीसी के बड़ी संख्या में ठेका मुलाजिमों को बेहद कम वेतन में लगातार कई घंटों काम करना पड़ रहा है।
पीआरटीसी के एमडी भूपिंदर सिंह राय की ओर से यूनियन की मांगें जिनमें फिक्स तनख्वाह, नाजायज रिकवरी रिफंड करने, नौकरी से निकाले गए ठेका मुलाजिमों को दोबारा बहाल करने शामिल हैं, को कारपोरेशन की बोर्ड आफ डायरेक्टर्स की बैठक में पास किया गया था। लेकिन अभी तक इन्हें लागू नहीं किया गया है।
पेंशनरों ने भी संघर्ष तेज करने का ऐलान किया
पटियाला। पीआरटीसी पेंशनर्स एसोसिएशन के बैनर तले पंजाब भर के पेंशनरों ने संघर्ष तेज करने का ऐलान किया है। एसोसिएशन के हरी सिंह चमक ने कहा है कि हर महीने पेंशन समय से दी जाए, करोड़ों रुपये के पेंशनरों के बकाया जल्द दिए जाएं। साथ ही पेंशन से वंचित रिटायर मुलाजिमों को यह सुविधा देने की भी मांग की गई।